हिसार। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की जिला स्तरीय बैठक सोमवार को कस्बे के किसान भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भाकियू जिला अध्यक्ष हरपाल भांडवा ने की। इस दौरान 15 अगस्त को हांसी में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई।

बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रखने वाले किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

बैठक के बाद भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों की समस्याओं के समाधान और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की गई।

किसान भवन में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए भाकियू जिला अध्यक्ष हरपाल भांडवा ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाना किसानों का लोकतांत्रिक अधिकार है।

उन्होंने कहा कि हांसी में किसानों पर किया गया लाठीचार्ज बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए, न कि बल प्रयोग के जरिए। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

बैठक में मौजूद किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। फसलों के उचित दाम, कृषि से जुड़ी नीतियों और अन्य मुद्दों को लेकर किसान लगातार अपनी मांगें सरकार के सामने रखते रहे हैं।

किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह किसानों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाले।

ज्ञापन सौंपने के दौरान किसानों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विरोध या अव्यवस्था फैलाना नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने मांग की कि किसानों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की जाए।

भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन आगे की रणनीति तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि किसान अपने हक की लड़ाई शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखेंगे।

बैठक में जिले के कई किसान नेता और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर किसानों के मुद्दों को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया।

किसान नेताओं ने कहा कि कृषि क्षेत्र देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और किसानों की स्थिति मजबूत होगी तो देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने सरकार से किसान हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।

बैठक के दौरान हांसी की घटना को लेकर किसानों में नाराजगी देखने को मिली। नेताओं ने कहा कि किसी भी आंदोलन या प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग नहीं होना चाहिए।

ज्ञापन में किसानों ने अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। किसानों ने कहा कि सरकार को उनकी समस्याओं पर सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।

भाकियू नेताओं ने कहा कि संगठन हमेशा किसानों के हितों के लिए संघर्ष करता रहा है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने किसानों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का आह्वान किया।

फिलहाल किसानों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन के बाद प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। किसानों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द विचार किया जाएगा।

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