चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम 2024 का दायरा बढ़ा दिया है। सरकार ने अब चार नई श्रेणियों के कच्चे कर्मचारियों को भी सेवा सुरक्षा के दायरे में शामिल करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही पात्र कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल एक बार फिर खोल दिया गया है। कर्मचारी 31 जुलाई तक अपना पंजीकरण कराकर इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
सरकार के इस फैसले से उन हजारों अनुबंध कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं और नौकरी की स्थिरता को लेकर चिंतित थे। हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए शामिल किए गए कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड की जांच के बाद ही उन्हें अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार सेवा सुरक्षा प्रदान करने पर विचार किया जाएगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, नई श्रेणियों के कर्मचारियों के आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग उनके रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र कर्मचारियों को हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम 2024 और नियम 2025 के तहत लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
सरकार ने जिन चार नई श्रेणियों को अधिनियम में शामिल किया है, उनमें स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत कंप्यूटर फैकल्टी और कंप्यूटर लैब अटेंडेंट शामिल हैं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विभाग के माध्यम से कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों को भी अब सेवा सुरक्षा योजना का लाभ मिल सकेगा। वहीं हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) में कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों को भी इस दायरे में शामिल किया गया है। हालांकि हारट्रान के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी इस श्रेणी में शामिल नहीं होंगे।
इससे पहले इन श्रेणियों के कर्मचारी सेवा सुरक्षा अधिनियम के तहत पंजीकरण प्रक्रिया में शामिल नहीं थे। अब सरकार ने इन कर्मचारियों को भी मौका देते हुए पोर्टल दोबारा खोलने का निर्णय लिया है। पात्र कर्मचारी निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
हरियाणा सरकार ने पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए तारीखें भी तय कर दी हैं। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके बाद संबंधित ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (डीडीओ) कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड का सत्यापन सात अगस्त तक पूरा करेंगे। इसके बाद विभागाध्यक्षों को अंतिम जांच और अनुमोदन की प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी करनी होगी।
सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी न हो, ताकि पात्र कर्मचारी सेवा सुरक्षा के लाभ से वंचित न रह जाएं। स्कूल शिक्षा महानिदेशक, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष और सभी उपायुक्तों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मानव संसाधन विभाग ने सत्यापन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए खजाना एवं लेखा विभाग के निदेशक तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के प्रबंध निदेशक को भी निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि नई शामिल श्रेणियों के कर्मचारियों का सेवा रिकॉर्ड और जरूरी जानकारी जल्द से जल्द मानव संसाधन विभाग और हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचकेसीएल) को उपलब्ध कराई जाए।
सरकार का कहना है कि सेवा सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्य लंबे समय से अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों को रोजगार में स्थिरता प्रदान करना है। इस फैसले से शिक्षा, तकनीकी और सरकारी संस्थानों में काम कर रहे कई अनुबंध कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना है। अब सभी की नजर सत्यापन प्रक्रिया और पात्र कर्मचारियों को मिलने वाले अंतिम लाभ पर है।