यमुनानगर : विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसमें दक्षिण कोरिया भेजने का झांसा देकर एक युवक से कथित तौर पर 8.95 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित का आरोप है कि इमिग्रेशन कंपनी के संचालक और एजेंट ने उसे विदेश में नौकरी और भेजने का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में उसे वियतनाम भेज दिया गया, जहां पहुंचने के बाद कोई एजेंट नहीं मिला।
मामले में शहर जगाधरी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि ठगी करने वालों ने पैसे वापस मांगने पर उसे धमकियां भी दीं।
पुलिस को दी शिकायत में ग्रीन विहार कॉलोनी निवासी इकराम अली ने बताया कि उसकी मुलाकात सेक्टर-17 स्थित ग्रीन होटल में करण कपूर नामक व्यक्ति से हुई थी। करण कपूर ने खुद को विदेश भेजने का काम करने वाला व्यक्ति बताया था। बातचीत के दौरान उसने इकराम को विदेश में रोजगार दिलाने और दक्षिण कोरिया भेजने का भरोसा दिलाया।
इकराम के अनुसार, करण कपूर ने उसकी मुलाकात पंजाब के मोहाली स्थित एलीगैस एंड इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक नवीन कुमार से करवाई। दोनों ने मिलकर उसे दक्षिण कोरिया भेजने की प्रक्रिया और वहां रोजगार मिलने की बात कही।
पीड़ित का कहना है कि विदेश जाने के सपने और आरोपितों के भरोसे में आकर उसने अलग-अलग समय पर कुल 8.95 लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद उसे दक्षिण कोरिया भेजने के बजाय वियतनाम भेज दिया गया।
इकराम ने बताया कि वियतनाम पहुंचने के बाद उसे उम्मीद थी कि वहां कंपनी की ओर से कोई एजेंट मिलेगा और आगे की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। लेकिन वहां पहुंचने पर कोई एजेंट नहीं मिला। इसके बाद वह परेशान हो गया और किसी तरह से वापस भारत लौटना पड़ा।
भारत लौटने के बाद जब उसने करण कपूर और नवीन कुमार से संपर्क कर अपने पैसे वापस मांगे तो आरोप है कि उन्होंने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि पैसे मांगने पर उसे धमकियां भी दी गईं।
इसके बाद इकराम अली ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर शहर जगाधरी थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि के लिए दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विदेश भेजने के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में अक्सर फर्जी इमिग्रेशन एजेंट लोगों को आकर्षक नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर पैसे ऐंठ लेते हैं। ऐसे मामलों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपितों ने इससे पहले कितने लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगा है। इसके अलावा कंपनी की वैधता, उसके दस्तावेज और विदेश भेजने से जुड़े दावों की भी जांच की जाएगी।
विदेश जाने की इच्छा रखने वाले लोगों से पुलिस लगातार अपील करती रही है कि वे किसी भी एजेंट या इमिग्रेशन कंपनी को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जानकारी जांच लें। बिना सत्यापन के बड़ी रकम देना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
इस मामले में पुलिस ने शिकायतकर्ता से संबंधित दस्तावेज, भुगतान की जानकारी और विदेश यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल शहर जगाधरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित को उम्मीद है कि जांच के बाद आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई होगी और उसकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकेगी।