करनाल के राइस मिलरों की बढ़ी मुश्किलें, FCI के फैसले से चावल आपूर्ति पर संकट
FCI के फैसले से चावल आपूर्ति पर संकट
करनाल : हरियाणा के करनाल जिले के राइस मिलर्स की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरकार की ओर से चावल जमा करने की समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद FCI (भारतीय खाद्य निगम) की ओर से चावल की डिलीवरी रोक दिए जाने से मिलर्स को राहत नहीं मिल पा रही है। इससे बड़ी संख्या में राइस मिल संचालक चिंता में हैं।
राइस मिलर्स का कहना है कि उन्होंने धान की मिलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में चावल जमा करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। डिलीवरी में रुकावट के कारण उनके पास तैयार चावल का स्टॉक बढ़ता जा रहा है और आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है।
समय सीमा बढ़ी, लेकिन समस्या बरकरार
मिलर्स को उम्मीद थी कि समय सीमा बढ़ने के बाद उन्हें राहत मिलेगी और लंबित चावल की डिलीवरी पूरी हो सकेगी। लेकिन FCI की ओर से चावल स्वीकार करने की प्रक्रिया धीमी होने के कारण उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
राइस मिल संचालकों का कहना है कि गोदामों में जगह की कमी और डिलीवरी व्यवस्था में बाधा के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। तैयार माल लंबे समय तक रखने से भंडारण खर्च बढ़ रहा है और नुकसान का खतरा भी बना हुआ है।
करोड़ों का कारोबार प्रभावित होने की चिंता
करनाल हरियाणा के प्रमुख धान और चावल उत्पादन केंद्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में राइस मिलें संचालित होती हैं और लाखों किसानों की उपज मिलिंग उद्योग से जुड़ी है।
मिलर्स का कहना है कि यदि समय पर चावल की डिलीवरी नहीं हुई तो इसका असर पूरे सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। इससे मिल संचालकों के साथ-साथ किसानों और मजदूरों पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की आशंका है।
FCI से व्यवस्था सुधारने की मांग
राइस मिलर्स ने FCI और संबंधित विभागों से डिलीवरी प्रक्रिया को तेज करने की मांग की है। उनका कहना है कि गोदामों में पर्याप्त व्यवस्था की जाए और चावल स्वीकार करने की प्रक्रिया को सुचारु बनाया जाए, ताकि समय पर स्टॉक का निपटान हो सके।
मिलर्स ने प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द हो सके।
प्रशासनिक स्तर पर समाधान की उम्मीद
अधिकारियों का कहना है कि मामले की समीक्षा की जा रही है और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। सरकार की ओर से भी खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखने पर जोर दिया जा रहा है।
राइस मिलर्स को उम्मीद है कि जल्द ही FCI की ओर से डिलीवरी व्यवस्था सामान्य होगी और लंबित चावल जमा करने की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।