हिमाचल प्रदेश: चंबा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। चंडीगढ़ से इलाज करवाकर घर लौट रहा एक हंसता-खेलता परिवार रास्ते में हुए हादसे का शिकार हो गया। हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद बुधवार को जब अंतिम संस्कार किया गया, तो रावी नदी का तट भी गमगीन हो उठा। चार सदस्यों की चिताएं एक साथ जलीं, जबकि तीन महीने के मासूम बच्चे को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार भू-समाधि दी गई।

चंबा के गैहरा में बुधवार सुबह अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। रावी नदी किनारे जब परिवार के चार सदस्यों को अंतिम विदाई दी गई, तो वहां मौजूद हर आंख नम थी। हादसे में जान गंवाने वाले हिमाचल प्रदेश पुलिस के जवान रिपन कुमार को पुलिस जवानों ने अंतिम सलामी दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों की आंखें भी भर आईं।

जानकारी के अनुसार, मृतक परिवार चंडीगढ़ से अपने तीन महीने के बच्चे का इलाज करवाकर लौट रहा था। बच्चे के जन्मजात कटे होंठ की पहली सर्जरी सफल रही थी और दूसरी सर्जरी के लिए परिवार चंडीगढ़ गया था। डॉक्टरों से अच्छी खबर मिलने के बाद परिवार खुश होकर घर वापस लौट रहा था, लेकिन रास्ते में एक दर्दनाक हादसे ने उनकी सारी खुशियां छीन लीं।

सोमवार देर रात पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहड़ के पास तेज बारिश के दौरान उनकी ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि कार में सवार परिवार के पांच सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

बुधवार को जब शव गांव पहुंचे तो पूरे गैहरा क्षेत्र में मातम फैल गया। गांव में लगातार दूसरे दिन भी कई घरों में चूल्हे नहीं जले। जिस मासूम बच्चे के स्वस्थ होकर लौटने की उम्मीद में परिवार और ग्रामीण खुशियां मनाने की तैयारी कर रहे थे, उसी बच्चे को अंतिम विदाई देनी पड़ी।

मृतक जवान रिपन कुमार के भाई विपन कुमार नोएडा से गांव पहुंचे। उन्होंने अपने पिता बचन सिंह, भाई रिपन, भाभी रिम्पी और कीर्ति की चिताओं को मुखाग्नि दी। अपने ही परिवार के चार लोगों को अंतिम विदाई देते समय विपन कुमार पूरी तरह टूट गए। वहां मौजूद लोग भी इस दर्दनाक दृश्य को देखकर भावुक हो उठे।

इस हादसे ने परिवार के बाकी सदस्यों को गहरा सदमा दिया है। बचन सिंह की पत्नी तृप्ता देवी और बेटे विपन कुमार के सिर से परिवार के कई सदस्यों का साया एक साथ उठ गया। एक खुशहाल परिवार अब केवल यादों में रह गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हादसा बेहद दुखद है। परिवार इलाज के बाद नई उम्मीदों के साथ घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में हुई दुर्घटना ने सब कुछ खत्म कर दिया। गांव के लोगों ने प्रशासन से पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

चंबा हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के दौरान यात्रा करने में सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर किया है। बारिश के मौसम में सड़क पर फिसलन और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन भी लोगों से अपील करता है कि खराब मौसम में यात्रा के दौरान सतर्क रहें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

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