चंबा। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बुधवार को चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां की हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री भंजराड़ू स्थित कला मंच में विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम छह बजे देहग्रां गांव के मेला मैदान में आयोजित 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का चंबा जिले का आधिकारिक दौरा 3 से 6 नवंबर तक निर्धारित है। इस दौरान वह भटियात, चुराह और भरमौर विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बुधवार का कार्यक्रम मुख्य रूप से चुराह विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह है। विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ-साथ ग्रामीणों को मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिलेगा।

बुधवार को मुख्यमंत्री सुक्खू रामपुर विधानसभा क्षेत्र के दिवंगत विधायक और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। नंद लाल का निधन होने के बाद प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। नंद लाल का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव देवठी में किया गया। मुख्यमंत्री भी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।

दिवंगत विधायक नंद लाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और रामपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उनके निधन से प्रदेश कांग्रेस को राजनीतिक क्षति पहुंची है। मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चंबा दौरे की गतिविधियों को आगे बढ़ाया।

चंबा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्रम चुराह विधानसभा क्षेत्र के भंजराड़ू में रखा गया है। यहां कला मंच में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का कार्यक्रम निर्धारित है। मुख्यमंत्री इसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा में क्षेत्र के विकास, बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

चुराह विधानसभा क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में शामिल है। यहां सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का दौरा क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं को प्रशासन के सामने रखने का अवसर भी माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। जनसभा स्थल पर आने वाले लोगों के लिए सुरक्षा, यातायात और अन्य जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोगों के शामिल होने की संभावना है।

भंजराड़ू में कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शाम छह बजे बैरागढ़ क्षेत्र के देहग्रां गांव पहुंचेंगे। यहां मेला मैदान में 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार और ग्रामीण जनता के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री इस दौरान ग्रामीणों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। स्थानीय लोगों को सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रह सकते हैं, ताकि लोगों की शिकायतों और मांगों पर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा की जा सके।

प्रदेश सरकार के लिए इस तरह के कार्यक्रम महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि दुर्गम क्षेत्रों के अनेक ग्रामीणों को अपनी समस्याएं लेकर जिला मुख्यालय या अन्य सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। ऐसे में मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों का गांवों में पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाने का माध्यम बन सकता है।

मुख्यमंत्री का रात्रि ठहराव भी देहग्रां गांव में निर्धारित किया गया है। इससे ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों को क्षेत्र की आवश्यकताओं के बारे में सरकार के समक्ष अपनी बात रखने का अतिरिक्त अवसर मिल सकता है। हालांकि, किसी नई योजना या वित्तीय सहायता की घोषणा को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

मुख्यमंत्री के दौरे का अगला महत्वपूर्ण कार्यक्रम पांच नवंबर को निर्धारित है। इस दिन वह सुबह दस बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तीसा में विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इसके अलावा नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित एंटी-चिट्टा वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाने का भी कार्यक्रम है।

प्रदेश के युवाओं में नशे की समस्या को लेकर जागरूकता फैलाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यालयों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जा रही है। तीसा में प्रस्तावित कार्यक्रम को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान चंबा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी विकास योजनाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छह नवंबर को सुबह दस बजे राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मैहला में विद्यार्थियों के साथ संवाद के बाद उनका शिमला लौटने का कार्यक्रम है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का यह प्रवास विकासात्मक परियोजनाओं के साथ ग्रामीण जनता से सीधे संपर्क स्थापित करने पर केंद्रित है। विशेष रूप से चुराह जैसे दूरदराज के क्षेत्र में मुख्यमंत्री का पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि जनसभा और 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम में उठाई जाने वाली समस्याओं पर सरकार की ओर से क्या पहल की जाती है।

फिलहाल जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटा है। भंजराड़ू में विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद देहग्रां में ग्रामीणों से संवाद इस दौरे का प्रमुख आकर्षण रहेगा। मुख्यमंत्री का रात्रि ठहराव भी इसी गांव में होने से स्थानीय स्तर पर इस कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

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