हिमाचल CM सुक्खू ने चंबा मेडिकल कॉलेज में AIIMS जैसी सुविधाओं का किया ऐलान

Update: 2026-08-02 14:19 GMT

Chamba , चंबा : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को चंबा मेडिकल कॉलेज के अपने दौरे के दौरान वहां के फैकल्टी सदस्यों और छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने इलाके में हेल्थकेयर सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चंबा मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी को मजबूत करने के लिए जहां भी जरूरत होगी, नियमों में ढील देगी। एक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने घोषणा की कि कॉलेज को नई एक्स-रे मशीन, लैप्रोस्कोपिक उपकरण, सीटी स्कैन मशीन और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वाली 3-टेस्ला एमआरआई मशीन से लैस किया जाएगा, जो नई दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) की तर्ज पर होंगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में 20 आईसीयू बेड स्थापित करने का प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार किया जाए ताकि सरकार आगे की जरूरी कार्रवाई शुरू कर सके। उन्होंने कहा कि एक बार कॉलेज में फैकल्टी की संख्या पूरी हो जाने के बाद, सरकार संस्थान में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की संभावना पर विचार करेगी। उन्होंने आगे घोषणा की कि अगले 10 दिनों के भीतर चंबा मेडिकल कॉलेज में 40 स्टाफ नर्सों को तैनात किया जाएगा। विज्ञप्ति में बताया गया है कि इसके अलावा, हेल्थकेयर सेवाओं को सुचारू और कुशलतापूर्वक प्रदान करने के लिए रेडियोग्राफर और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की भी नियुक्ति की जाएगी।

सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार डॉक्टरों को विदेश में एक्सपोजर विजिट (अनुभव प्राप्त करने के लिए दौरे) पर भेजने पर भी विचार कर रही है और इस संबंध में एक नीति बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा, "इस तरह के दौरों से डॉक्टर दूसरे देशों से एडवांस्ड मेडिकल प्रैक्टिस और टेक्नोलॉजी सीख सकेंगे और बेहतरीन तरीकों को हिमाचल प्रदेश में लागू कर सकेंगे।"

उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाओं में सुधार राज्य सरकार की मुख्य प्राथमिकता रही है और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर हेल्थकेयर सुविधाओं से न केवल हिमाचल प्रदेश के लोगों को फायदा होगा, बल्कि राज्य में हेल्थ टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले भी IGMC शिमला, डॉ. वाईएस परमार गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नहान, एम्स चमियाना, डॉ. राजेंद्र प्रसाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज टांडा और श्री लाल बहादुर शास्त्री गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नेरचौक में फैकल्टी और छात्रों के साथ इसी तरह की बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि इन बातचीत के दौरान मिले सुझावों को राज्य सरकार की नीति बनाने की प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कमियों को दूर करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं और सरकार का लक्ष्य है कि इस साल के आखिर तक राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने चंबा मेडिकल कॉलेज में पहले ही कार्डियोलॉजी विभाग शुरू कर दिया है। इसके अलावा, सीनियर रेजिडेंट्स (SRs) के 23 और पोस्ट-ग्रेजुएट्स (PGs) के 28 पद मंजूर किए गए हैं, जिससे संस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।

उन्होंने कहा कि चंबा में SR हॉस्टल के निर्माण के लिए 18.98 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने PG और SR का स्टाइपेंड भी बढ़ाया है और स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (DHS) तथा चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान निदेशालय (DME) के कैडर को अलग-अलग कर दिया है।

बयान में बताया गया है कि इस मौके पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया, विधायक नीरज नायर, हरदीप सिंह बावा और डीएस ठाकुर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, APMC चंबा के चेयरमैन ललित ठाकुर, कांग्रेस नेता यशवंत खन्ना और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, डिप्टी कमिश्नर मुकेश रेप्सवाल, SP विजय कुमार सकलानी, कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. पंकज गुप्ता और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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