Shimla. शिमला। हिमाचल सडक़ परिवहन निगम ने टिकट रहित यात्रा और टिकटिंग में अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। इसके साथ ही टिकट रहित यात्रा से जुड़े सभी पुराने कार्यालय आदेश निरस्त कर दिए हैं। नई एसओपी में नियमित और संविदा कंडक्टरों के खिलाफ कार्रवाई, यात्रियों पर जुर्माना, बच्चों के टिकट, ईबीटीएम मशीन के उपयोग और शिकायत करने वाले यात्रियों को पुरस्कार देने तक के विस्तृत प्रावधान किए गए हैं। नई एसओपी के अनुसार बिना वैध टिकट यात्रा करना टिकट रहित यात्रा माना जाएगा।
यदि कंडक्टर किराया वसूलकर टिकट जारी नहीं करता, कम किराए का टिकट देता, तो इसे गंभीर अनियमितता माना जाएगा। यात्री पर भी 500 रुपए जुर्माने का प्रावधन है। निगम ने स्पष्ट किया है कि मैनुअल टिकट केवल उसी स्थिति में जारी किए जाएंगे जब टिकटिंग मशीन को आधिकारिक रूप से खराब घोषित किया हो। यदि किसी बच्चे की आयु को लेकर संदेह हो तो कंडक्टर आयु प्रमाण मांग सकता है। प्रमाण न मिलने पर पूरा टिकट जारी किया जा सकेगा। बाद में जांच में यह वास्तविक भूल साबित होती है, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन निगम को हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी। जानबूझकर कम टिकट पर कड़ी कार्रवाई होगी।