मंडी : हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। यहां एक तेंदुए ने रात के समय पशुशाला की छत तोड़कर अंदर घुसकर छह भेड़ों को मार डाला। घटना के बाद इलाके के लोगों में डर का वातावरण बना हुआ है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों से लोगों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
रात में पशुशाला में घुसा तेंदुआ
जानकारी के अनुसार, घटना रात के समय हुई जब परिवार के लोग अपने घरों में सो रहे थे। इसी दौरान तेंदुआ पशुशाला की छत को तोड़कर अंदर घुस गया और वहां बंधी भेड़ों पर हमला कर दिया। सुबह जब पशुपालक पशुशाला पहुंचे तो वहां छह भेड़ों को मृत पाया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए।
ग्रामीणों में फैली दहशत
तेंदुए के हमले के बाद गांव में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अब आबादी वाले इलाकों के करीब पहुंच रहा है, जिससे इंसानों पर भी खतरा बढ़ सकता है। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
वन विभाग ने शुरू की निगरानी
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही है। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
मुआवजे की मांग
पशुपालक ने तेंदुए के हमले में हुए नुकसान के लिए प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पशु उनकी आजीविका का मुख्य साधन हैं, ऐसे में नुकसान की भरपाई जरूरी है। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आ रही हैं। जंगलों में बदलाव और भोजन की तलाश में जंगली जानवर अब आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने लगे हैं। मंडी की इस घटना के बाद एक बार फिर वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
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