धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पैराग्लाइडिंग के दौरान हुए हादसे में बुल्गारिया के एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि उनके साथ उड़ान भर रहे दूसरे विदेशी नागरिक को बचाव दल ने सुरक्षित निकाल लिया। यह हादसा रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को धर्मशाला के खनियारा क्षेत्र में राइजिंग स्टार पीक के पास हुआ। दुर्गम पहाड़ी इलाके में फंसे पैराग्लाइडरों की तलाश और बचाव के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमों ने रातभर अभियान चलाया। सोमवार सुबह करीब 10 बजे अभियान पूरा हुआ।पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान बुल्गारिया के नागरिक मैक्सिम वैलेंटिनोविच गैवरिलिचेंको के रूप में हुई है। उनके साथ उड़ान भर रहे दूसरे व्यक्ति की पहचान स्टीफन एंटनी पुर्डी के रूप में बताई गई है। शुरुआती रिपोर्टों में उनके ब्रिटिश नागरिक होने की जानकारी दी गई है। बचाव दल ने उन्हें सुरक्षित निकालकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।
बीड़-बिलिंग से उड़ान भरने के बाद हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों पैराग्लाइडरों ने रविवार सुबह करीब 11 बजे बीड़-बिलिंग से उड़ान भरी थी। दोपहर लगभग 3 से 3:30 बजे के बीच वे करीब 2,700 मीटर की ऊंचाई पर धौलाधार पर्वत श्रृंखला के पास पहुंचे, जहां हादसा हुआ।घटनास्थल धर्मशाला के खनियारा क्षेत्र में राइजिंग स्टार पीक के आसपास स्थित है। शुरुआती जानकारी में तेज हवाओं को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।
रातभर चला SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की जानकारी मिलने के बाद रविवार रात करीब 9 बजे संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया गया। इसमें SDRF, स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और पर्वतीय बचाव दल के सदस्य शामिल हुए।दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, सीमित पहुंच और रात के अंधेरे के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। टीमों ने घटनास्थल का पता लगाने, आपसी संचार बनाए रखने और जरूरी संसाधनों को सही जगह पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया।बचावकर्मियों ने पूरी रात खोज अभियान जारी रखा। सोमवार सुबह करीब 10 बजे अभियान पूरा हुआ। इस दौरान एक पैराग्लाइडर की मौत की पुष्टि हुई, जबकि दूसरे व्यक्ति को सुरक्षित निकाल लिया गया।
मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हादसे में जान गंवाने वाले मैक्सिम वैलेंटिनोविच गैवरिलिचेंको का शव धर्मशाला के जोनल अस्पताल के शवगृह में रखा गया है। पुलिस पोस्टमार्टम और अन्य जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है।पुलिस के मुताबिक, मृतक 7 अक्टूबर 2026 को पर्यटक वीजा पर भारत आए थे। घटना में सुरक्षित बचाए गए दूसरे पैराग्लाइडर को भी आवश्यक सहायता दी गई। विदेशी नागरिकों से संबंधित औपचारिकताओं के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
पैराग्लाइडिंग सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
बीड़-बिलिंग दुनिया के प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्थलों में शामिल है। यहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पैराग्लाइडिंग के शौकीन और पेशेवर पायलट पहुंचते हैं। लेकिन पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदलने और तेज हवाओं के कारण उड़ान जोखिमपूर्ण हो सकती है।इस घटना ने मौसम की स्थिति का आकलन करने, उड़ान की अनुमति और सुरक्षा मानकों के पालन के महत्व को फिर उजागर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पैराग्लाइडिंग से पहले हवा की गति, दिशा और अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों की जानकारी लेना बेहद जरूरी है।फिलहाल पुलिस हादसे की जांच कर रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या तेज हवाओं के अलावा कोई अन्य कारण भी इसके लिए जिम्मेदार था।