Shimla: महिला कांस्टेबलों की शिकायतों पर कार्रवाई करे सरकार: भाजपा
महिला कांस्टेबलों की शिकायत पर सरकार से जवाब मांगा
शिमला: भाजपा ने प्रथम बटालियन जूंगा के हार्मोनी ऑफ द पाइंस ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि इस मामले में कर्मचारियों और महिला कांस्टेबलों के साथ न्याय नहीं हो रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायत के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
रणधीर शर्मा ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि सरकार ने ऑर्केस्ट्रा ग्रुप के इंस्पेक्टर विजय कुमार को आरोपों की निष्पक्ष जांच पूरी होने से पहले ही निलंबित कर दिया। उनके अनुसार किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले तथ्यों की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब इसी ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में कार्यरत दो महिला कांस्टेबल भी कथित रूप से प्रताड़ना का सामना कर रही हैं। रणधीर शर्मा ने कहा कि हाल ही में स्थानीय गायक की ओर से आयोजित एक प्रेस वार्ता में दोनों महिला कांस्टेबलों के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इसके बाद दोनों ने महिला पुलिस थाना शिमला में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
भाजपा नेता ने दावा किया कि महिला कांस्टेबलों की शिकायत में स्थानीय गायक के साथ एक पुलिस अधिकारी का भी नाम शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत के अनुसार दोनों महिला कर्मचारियों पर लगातार दबाव बनाया गया, जिससे वे मानसिक तनाव में आ गईं।
रणधीर शर्मा ने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एक महिला कांस्टेबल को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, फिर भी सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
रणधीर शर्मा ने कहा कि यदि महिला कर्मचारियों की शिकायत पर भी एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो यह कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
उन्होंने मांग की कि शिकायत के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू की जाए और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके पद, प्रभाव या राजनीतिक संरक्षण की परवाह किए बिना कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मामले में भी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करती है तो इससे यह संदेश जाएगा कि वह महिलाओं और कर्मचारियों की शिकायतों पर गंभीरता से काम नहीं कर रही।