शिमला : 27 अक्टूबर 2026। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों ने ऐतिहासिक कालका-शिमला टॉय ट्रेन सेवा को जल्द बहाल करने की मांग तेज कर दी है। पिछले करीब दो महीने से रेल मार्ग के विभिन्न हिस्सों में परिचालन प्रभावित होने के कारण होटल संचालकों, टैक्सी ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों और स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पर्यटन कारोबारियों ने केंद्र सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार और रेलवे प्रशासन से मरम्मत कार्य में तेजी लाने की मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। हालांकि विरोध प्रदर्शन की औपचारिक तारीख की पुष्टि नहीं हुई है।
29 अगस्त से प्रभावित है कालका-शिमला रेल सेवा
कालका-शिमला रेल मार्ग पर 29 अगस्त से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण रेल पटरी के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा था।विशेष रूप से कोटी और गुम्मा रेलवे स्टेशनों के बीच जमीन खिसकने से रेलवे ट्रैक को गंभीर क्षति पहुंची। वहीं कुछ स्थानों पर पुलों के निर्माण और मरम्मत कार्य के कारण भी रेल सेवाएं बाधित हैं।रेलवे से जुड़ी प्रकाशित जानकारी के अनुसार, वर्तमान में सीमित रेल सेवा शिमला और धर्मपुर के बीच संचालित की जा रही है, जबकि धर्मपुर से कालका के बीच रेल परिचालन 30 नवंबर तक स्थगित रहने की सूचना है।लगातार प्रभावित रेल सेवा के कारण पर्यटकों के यात्रा कार्यक्रम बदल रहे हैं।
होटल संचालकों और टैक्सी ऑपरेटरों की बढ़ीं मुश्किलें
रेल सेवा प्रभावित होने से शिमला के पर्यटन उद्योग पर असर दिखाई देने लगा है। होटल संचालकों के अनुसार, कई पर्यटक विशेष रूप से टॉय ट्रेन की सवारी करने के लिए शिमला आते हैं।टॉय ट्रेन के बंद रहने से कुछ पर्यटक अपनी बुकिंग रद्द कर रहे हैं, जबकि कई यात्रियों को सड़क मार्ग का विकल्प चुनना पड़ रहा है।हिमाचल टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश शर्मा ने बताया कि कालका-शिमला रेल मार्ग से सामान्य दिनों में प्रतिदिन एक हजार से अधिक पर्यटक आवाजाही करते हैं।उन्होंने कहा कि रेल सेवा प्रभावित होने से होटल कारोबारियों, ट्रैवल एजेंटों और टैक्सी संचालकों की आमदनी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कई कारोबारियों के सामने बैंक की किस्तें चुकाने जैसी आर्थिक चुनौतियां भी बढ़ रही हैं।
सांसद सुरेश कश्यप के समक्ष उठाएंगे मामला
हिमाचल टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन ने इस मामले को शिमला के सांसद सुरेश कश्यप के समक्ष उठाने का निर्णय लिया है।एसोसिएशन की मांग है कि सांसद केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय से बातचीत कर रेल मार्ग की मरम्मत को प्राथमिकता दिलाएं।कारोबारियों का कहना है कि टॉय ट्रेन केवल यात्रियों के आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिमला की पर्यटन पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।उन्होंने रेलवे प्रशासन से मरम्मत कार्य की प्रगति और सेवा बहाली की संभावित समयसीमा स्पष्ट करने की भी मांग की है।
त्योहार और विंटर सीजन को लेकर चिंता
टॉय ट्रेन सेवा प्रभावित होने से पर्यटन कारोबारियों की चिंता आगामी पर्यटन सीजन को लेकर बढ़ गई है।दुर्गा पूजा के दौरान पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला पहुंचते हैं। इनमें अनेक पर्यटक ऐतिहासिक टॉय ट्रेन से यात्रा करना पसंद करते हैं।इस बार रेल सेवा बाधित होने के कारण बंगाली पर्यटकों की बुकिंग प्रभावित हुई है।अब कारोबारियों को गुजराती पर्यटकों के सीजन, नवंबर की छुट्टियों और दिसंबर में शुरू होने वाले विंटर टूरिज्म को लेकर भी चिंता है।क्रिसमस और नए साल के दौरान शिमला में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ती है। ऐसे में रेल सेवा जल्द बहाल नहीं हुई तो स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विश्व धरोहर है कालका-शिमला रेल मार्ग
कालका-शिमला रेलवे लाइन देश के ऐतिहासिक रेल मार्गों में शामिल है। इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है।करीब 96 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग पर 100 से अधिक सुरंगें, सैकड़ों पुल और अनेक घुमावदार मोड़ हैं।पहाड़ों, जंगलों और खूबसूरत घाटियों से गुजरने वाली टॉय ट्रेन पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही है।देश-विदेश से आने वाले सैलानी इस रेल यात्रा को हिमाचल पर्यटन के यादगार अनुभवों में शामिल करते हैं।
जल्द समाधान नहीं निकला तो बढ़ सकता है विरोध
पर्यटन कारोबारियों ने रेलवे प्रशासन से मरम्मत कार्य तेज करने और पूर्ण रेल सेवा बहाल करने की मांग दोहराई है।उनका कहना है कि लंबे समय तक रेल परिचालन बाधित रहने से पर्यटन आधारित रोजगार पर असर पड़ेगा।स्थानीय संगठनों ने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। कारोबारियों की ओर से विरोध तेज करने की चेतावनी के बीच अब रेलवे प्रशासन के अगले कदमों पर नजर बनी हुई है।हालांकि रेल मार्ग पर सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना नियमित परिचालन शुरू करना संभव नहीं होगा। ऐसे में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को मरम्मत कार्य जल्द पूरा होने और सुरक्षित रेल सेवा बहाल होने का इंतजार है।
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