खराब मौसम ने थामी अमरनाथ यात्रा की रफ्तार

Update: 2026-07-20 14:31 GMT

जम्मू-कश्मीर: खराब मौसम का असर बाबा अमरनाथ यात्रा पर देखने को मिला है। लगातार बारिश और मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए सोमवार को जम्मू और पहलगाम से अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं के जत्थे को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी। हालांकि बालटाल मार्ग से यात्रा जारी रही और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए।

अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को जम्मू से अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का नया जत्था रवाना नहीं किया गया। यह लगातार दूसरा दिन था जब खराब मौसम के कारण जम्मू से यात्रा को रोका गया। वहीं पहलगाम मार्ग से भी यात्रियों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। दूसरी ओर बालटाल मार्ग से श्रद्धालुओं की यात्रा जारी रही।

बालटाल क्षेत्र में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। यात्रा के 18वें दिन सोमवार को 6042 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में पहुंचकर बाबा अमरनाथ के दर्शन किए। इसके साथ ही अब तक दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 3 लाख 91 हजार 851 पहुंच गई है।

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक देखने को मिल रही है। पिछले साल इसी अवधि के दौरान करीब 3 लाख 3 हजार 984 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। इस बार यात्रा शुरू होने के बाद शुरुआती 17 दिनों में ही 3 लाख 85 हजार 809 श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंच चुके थे।

तीन जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। जम्मू स्थित यात्री निवास में भी हजारों श्रद्धालु ठहरे हुए हैं। प्रशासन के अनुसार, अभी भी बड़ी संख्या में यात्री बालटाल और पहलगाम पहुंच रहे हैं। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड और प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मौसम में बदलाव और पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली परेशानियों को देखते हुए सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने सोमवार को बाबा अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा यात्रा मार्ग, बेस कैंप और ट्रांजिट कैंपों में बेहतर व्यवस्था के लिए दी गई सिफारिशों की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यात्रा प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए सभी जरूरी कदम समय पर लागू करने को कहा।

बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें यात्रा मार्गों की सुरक्षा, कैंपों में सुविधाओं, साफ-सफाई, बिजली-पानी की व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों पर चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने बेस कैंप और ट्रांजिट कैंपों में आवास व्यवस्था को मजबूत करने, टेंटों की वाटरप्रूफिंग, अग्निशमन व्यवस्था बेहतर करने और बिजली की सुरक्षित वायरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा लंगर स्थलों, शौचालयों और स्नानघरों में साफ-सफाई बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

बैठक में भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, पार्किंग सुविधाओं और यात्रा मार्ग के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त रेन शेल्टर बनाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार व्यवस्थाओं को बेहतर किया जा रहा है।

मुख्य सचिव ने कहा कि बाबा अमरनाथ यात्रा में आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और किसी भी तरह की कमी सामने आने पर तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए।

फिलहाल खराब मौसम के कारण जम्मू और पहलगाम मार्ग से यात्रा प्रभावित हुई है, लेकिन बालटाल मार्ग से यात्रा जारी है। प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और हालात सामान्य होने के बाद अन्य मार्गों से भी यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।

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