जम्मू-कश्मीर में CIK की बड़ी कार्रवाई, चार जिलों में पांच ठिकानों पर छापेमारी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) विंग ने शनिवार को घाटी में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई 2023 में दर्ज एक मामले की जांच के सिलसिले में की गई, जिसमें गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धाराएं भी लगाई गई हैं। CIK की टीमों ने कश्मीर घाटी के चार जिलों में पांच अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को की गई कार्रवाई के दौरान CIK के कर्मचारियों ने बारामूला, अनंतनाग, शोपियां और बांदीपोरा जिलों में तलाशी ली। जांच एजेंसी की टीमें संबंधित परिसरों में पहुंचीं और मामले से जुड़े संभावित साक्ष्यों की तलाश की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई।
2023 में दर्ज मामले की जांच
यह तलाशी श्रीनगर स्थित CIK पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के संबंध में की गई। अधिकारियों के अनुसार, मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएं 505 और 153-A तथा UAPA की धाराएं 13 और 18 लगाई गई हैं।
मामले की जांच के तहत CIK की ओर से पहले भी विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की गई है। शनिवार को की गई छापेमारी को इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ या किन लोगों से पूछताछ की गई, इसकी विस्तृत जानकारी तत्काल सामने नहीं आई है।
जांच एजेंसी की कार्रवाई का उद्देश्य मामले से जुड़े संभावित दस्तावेज, डिजिटल सामग्री या अन्य साक्ष्यों का पता लगाना हो सकता है। हालांकि, बरामदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
चार जिलों में एक साथ कार्रवाई
CIK की शनिवार की कार्रवाई की खास बात यह रही कि तलाशी अभियान घाटी के चार अलग-अलग जिलों में एक साथ चलाया गया। बारामूला, अनंतनाग, शोपियां और बांदीपोरा में कुल पांच स्थानों को जांच के दायरे में लिया गया।
कश्मीर घाटी में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां समय-समय पर ऐसे मामलों में कार्रवाई करती रही हैं, जिनमें गैर-कानूनी गतिविधियों या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कथित प्रयासों की जांच की जाती है। CIK जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष शाखा है, जो आतंकवाद, अलगाववाद और अन्य सुरक्षा संबंधी मामलों से जुड़े खुफिया इनपुट और जांच पर काम करती है।
शनिवार की कार्रवाई भी इसी तरह की जांच के तहत की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी स्थानों पर तलाशी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।
UAPA की धाराओं में चल रही जांच
इस मामले में UAPA की धारा 13 और 18 शामिल की गई हैं। गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम देश में गैर-कानूनी गतिविधियों और आतंकवाद से संबंधित मामलों से निपटने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला प्रमुख केंद्रीय कानून है।
मामले में UAPA की धाराएं शामिल होने के कारण जांच एजेंसी विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। इसके तहत कथित गतिविधियों से जुड़े लोगों, संपर्कों और संभावित साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ किसी कानून के तहत मामला दर्ज होना या उसके परिसर की तलाशी लिया जाना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
IPC की धाराएं भी शामिल
CIK पुलिस स्टेशन, श्रीनगर में दर्ज इस मामले में IPC की धारा 505 और 153-A भी लगाई गई हैं। ये धाराएं क्रमशः ऐसे बयानों या गतिविधियों से संबंधित मामलों में इस्तेमाल की जा सकती हैं, जिनका सार्वजनिक व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका हो या विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने का आरोप हो।
जांच एजेंसी मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। शनिवार को की गई तलाशी भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
तलाशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
चार जिलों में एक साथ तलाशी अभियान चलाए जाने के कारण संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। CIK के कर्मचारियों के साथ आवश्यक सुरक्षा बल मौजूद रहे। अधिकारियों ने तलाशी अभियान को लेकर स्थानीय स्तर पर आवश्यक प्रबंध किए।
जांच एजेंसी की ओर से कार्रवाई पूरी होने के बाद मामले से संबंधित आगे की जानकारी साझा किए जाने की संभावना है। फिलहाल अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री या संभावित हिरासत के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
जांच के आगे बढ़ने के साथ तस्वीर होगी साफ
2023 में दर्ज मामले की जांच अब शनिवार की छापेमारी के बाद एक और चरण में पहुंच गई है। चार जिलों में पांच स्थानों पर की गई तलाशी से जांच एजेंसी को मामले से जुड़े नए सुराग या दस्तावेज मिलने की उम्मीद हो सकती है।
आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि तलाशी के दौरान जांच एजेंसी को किस तरह की सामग्री मिलती है और उसका मामले से क्या संबंध सामने आता है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ और अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल जम्मू-कश्मीर पुलिस की CIK विंग ने बारामूला, अनंतनाग, शोपियां और बांदीपोरा में पांच ठिकानों पर तलाशी लेकर 2023 के UAPA मामले की जांच को आगे बढ़ाया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।