जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, CM उमर ने किया मुआवजे का एलान

Update: 2026-07-20 15:04 GMT

जम्मू-कश्मीर: लगातार हो रही भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में हालात गंभीर कर दिए हैं। मूसलधार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है और सामान्य गतिविधियां ठप हो गई हैं। मौसम की इस आपदा को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम के कारण कई जिलों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर मार्ग बंद होने और संपर्क टूटने की स्थिति भी बनी। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर मौजूदा हालात की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आवासीय मकानों, सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे जल्द पूरा किया जाए, ताकि मुआवजा और पुनर्वास की प्रक्रिया समय पर शुरू की जा सके।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं। सभी आपातकालीन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

उपराज्यपाल ने डोडा जिले में बारिश से हुई मौतों पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्यों में तेजी लाई जाए और लोगों को जरूरी सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएं।

वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वर्षा जनित घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मृतकों के निकटतम परिजनों को छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसमें चार लाख रुपये राज्य आपदा मोचन कोष (SDRF) और दो लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आर्थिक सहायता से परिवारों की अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत राशि और अन्य सहायता बिना किसी देरी के पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई जाए।

उन्होंने उच्चस्तरीय बैठक में बिजली, पेयजल, सड़क और अन्य आवश्यक सेवाओं की बहाली को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने को कहा।

प्रशासन के अनुसार पुंछ, राजौरी, रियासी और उधमपुर जैसे प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सुधारने के प्रयास जारी हैं। कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जबकि जहां नुकसान अधिक हुआ है वहां मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है।

लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जम्मू-कश्मीर में राहत, बचाव और पुनर्स्थापन का काम लगातार जारी है।

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