हजारीबाग की PDS दुकान में गेहूं की बोरी के नीचे मिला 9 फीट लंबा अजगर, रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
झारखंड के हजारीबाग: उस समय हड़कंप मच गया, जब एक जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकान में राशन वितरण के दौरान गेहूं की बोरी के नीचे विशाल अजगर छिपा हुआ मिला। बरही प्रखंड के दुलमाहा गांव स्थित पीडीएस दुकान में बुधवार को यह घटना सामने आई। करीब 9 फीट लंबे अजगर को देखकर दुकानदार और वहां मौजूद ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, समय रहते वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित तरीके से अजगर का रेस्क्यू कर लिया।
जानकारी के अनुसार, दुलमाहा गांव की पीडीएस दुकान में नियमित रूप से राशन वितरण का काम चल रहा था। इसी दौरान दुकान के गोदाम में रखी गेहूं की बोरियों को हटाया जा रहा था। जैसे ही एक बोरी को हटाया गया, उसके नीचे कुंडली मारकर बैठे एक विशाल अजगर पर लोगों की नजर पड़ी। अचानक इतने बड़े सांप को देखकर वहां मौजूद लोग डर गए और कुछ समय के लिए दुकान में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना आसपास के लोगों और वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और फॉरेस्टर अमर आनंद सरस्वती के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। टीम ने बिना किसी जल्दबाजी के पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद वन कर्मियों ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया।
वन विभाग की टीम ने अजगर को पकड़ने के बाद उसे एक सुरक्षित बोरे में रखा और बाद में बरसोत के घने जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया। अजगर के जंगल में छोड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस पूरी कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और वन विभाग की सतर्कता की सराहना की।
रेस्क्यू अभियान में वन विभाग के कई कर्मचारी शामिल रहे। इनमें आशीष कुमार, राकेश कुमार, बासुदेव मालाकार, ताहिर हुसैन, आयुषतोष यादव और बिनोद मेहता समेत अन्य सदस्य शामिल थे। टीम ने सावधानीपूर्वक अजगर को बिना नुकसान पहुंचाए पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वन विभाग के कर्मचारी अजगर को पकड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। विशाल आकार के अजगर को देखकर लोग हैरान रह गए। हालांकि, वन विभाग की तत्परता के कारण किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
वन अधिकारियों के अनुसार, बरसात के मौसम में अक्सर सांप और अन्य जंगली जीव अपने ठिकानों से निकलकर आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कहीं सांप या कोई अन्य जंगली जीव दिखाई दे तो उसे खुद पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें।
वन विभाग ने कहा कि जंगली जीवों को पकड़ना जोखिम भरा काम होता है। प्रशिक्षित कर्मचारी ही उन्हें सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सकते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि इंसानों और जीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हजारीबाग के दुलमाहा गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को वन्य जीवों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। समय पर सूचना मिलने और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। वहीं, अजगर को सुरक्षित जंगल में छोड़े जाने से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम उठाया गया है।