CISF जवानों के लिए नया ड्रेस कोड लागू, शर्ट बाहर रखने और बेल्ट से राहत के नए नियम
नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में तैनात जवानों और अधिकारियों के लिए ड्रेस कोड में बड़ा बदलाव किया गया है। लंबे समय तक ड्यूटी करने वाले कर्मियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखते हुए CISF मुख्यालय ने यूनिफॉर्म पहनने के नियमों में बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब CISF जवान और अधिकारी ड्यूटी के दौरान शर्ट को पैंट के बाहर रख सकेंगे और पैंट के साथ बेल्ट लगाना अनिवार्य नहीं होगा।
नया ड्रेस कोड 27 जुलाई 2026 से CISF की सभी इकाइयों में लागू कर दिया गया है। इसमें बोकारो स्टील प्लांट (BSL) बोकारो सहित देशभर की CISF यूनिट शामिल हैं। यह बदलाव महिला और पुरुष दोनों कर्मियों पर लागू होगा। अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य जवानों को लंबे समय तक चलने वाली कठिन ड्यूटी के दौरान अधिक आराम और सुविधा प्रदान करना है।
अब तक CISF के जवानों और अधिकारियों के लिए ड्यूटी के समय यूनिफॉर्म की शर्ट को पैंट के अंदर रखना और बेल्ट पहनना अनिवार्य था। यदि कोई कर्मी शर्ट को बाहर रखकर ड्यूटी करता हुआ पाया जाता था तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती थी। लेकिन अब नए नियमों के बाद जवान अपनी सुविधा के अनुसार शर्ट को पैंट के बाहर रख सकेंगे।
CISF जवानों की ड्यूटी अक्सर 10 से 12 घंटे तक चलती है। इस दौरान उन्हें सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ हथियारों के साथ तैनात रहना पड़ता है। पहले टाइट यूनिफॉर्म और बेल्ट की वजह से कई बार उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था। खासकर हथियारों के साथ लंबे समय तक खड़े रहने, गश्त करने और सुरक्षा जांच जैसी जिम्मेदारियों में असुविधा महसूस होती थी।
इसके अलावा जवानों को वर्दी पहनकर भोजन करने और अन्य दैनिक गतिविधियों में भी परेशानी होती थी। यूनिफॉर्म की फिटिंग ज्यादा टाइट होने के कारण शरीर पर दबाव पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए CISF मुख्यालय ने ड्रेस कोड में बदलाव का निर्णय लिया है, ताकि जवान आरामदायक तरीके से अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर सकें।
नए नियमों के तहत टोपी पहनने को लेकर भी छूट दी गई है। अब CISF कर्मी अपनी सुविधा के अनुसार ब्रिट कैप या मंकी कैप में से किसी एक का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे मौसम और ड्यूटी की परिस्थितियों के अनुसार जवानों को टोपी चुनने की सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा जूतों के विकल्पों में भी बदलाव किया गया है। नए ड्रेस कोड के अनुसार जवान अब ड्यूटी के दौरान तीन तरह के जूते पहन सकेंगे। इनमें जंगल बूट, हाई एंकल टैक्टिकल बूट और डरबाई शू शामिल हैं। हालांकि सभी जूते काले रंग के होने जरूरी हैं। इससे जवानों को अलग-अलग प्रकार की ड्यूटी के दौरान बेहतर सुविधा मिलेगी।
CISF देश के प्रमुख सुरक्षा बलों में से एक है, जो हवाई अड्डों, मेट्रो, औद्योगिक संस्थानों, परमाणु प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है। जवानों को लगातार सतर्क रहकर काम करना पड़ता है। ऐसे में उनकी सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
CISF अधिकारियों का मानना है कि नए ड्रेस कोड से जवानों की कार्यक्षमता में सुधार आएगा और वे अधिक आरामदायक तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे। लंबे समय तक सुरक्षा ड्यूटी करने वाले कर्मियों के लिए यह बदलाव राहत देने वाला कदम साबित हो सकता है। यह निर्णय सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किए बिना जवानों के आराम और सुविधा को प्राथमिकता देने की दिशा में उठाया गया कदम है।