जमशेदपुर: दुर्गापूजा को लेकर जमशेदपुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। हर साल की तरह इस बार भी शहर के अलग-अलग इलाकों में भव्य पूजा पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि 2026 की दुर्गापूजा में श्रद्धालुओं को पंडालों के जरिए अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की झलक देखने को मिलेगी। कहीं केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया जा रहा है तो कहीं बनारस घाट की खूबसूरती दिखाई जाएगी। कुछ पूजा समितियां भगवान विष्णु के दस अवतारों की थीम पर पंडाल तैयार कर रही हैं।
केदारनाथ मंदिर की दिखेगी झलक
इस बार कई पूजा समितियों ने धार्मिक स्थलों को पंडाल की थीम बनाने का फैसला किया है। केदारनाथ मंदिर की वास्तुकला और धार्मिक महत्व से प्रेरित पंडाल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। पंडाल में मंदिर की संरचना को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।
बनारस घाट की थीम भी खास
एक अन्य पूजा पंडाल में बनारस के प्रसिद्ध घाटों की झलक देखने को मिलेगी। गंगा किनारे बसे घाट, मंदिरों की संरचना और धार्मिक वातावरण को पंडाल के जरिए प्रदर्शित करने की कोशिश की जा रही है। शाम के समय रोशनी और सजावट के साथ यह थीम लोगों के लिए खास आकर्षण बन सकती है।
भगवान विष्णु के दस अवतारों की कहानी
इस बार कुछ पंडालों में धार्मिक कथाओं को भी थीम का हिस्सा बनाया गया है। भगवान विष्णु के दस अवतारों यानी दशावतार से जुड़ी कथा को अलग-अलग हिस्सों में दिखाने की तैयारी है। मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि अवतार से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
पंडालों के साथ सजावट भी खास
जमशेदपुर में दुर्गापूजा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा है। पूजा समितियां हर साल अलग-अलग थीम, आकर्षक लाइटिंग और सजावट के जरिए लोगों का ध्यान खींचती हैं। इस बार भी पंडालों के निर्माण के साथ आसपास के क्षेत्रों में रोशनी और सजावट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
दुर्गापूजा के दौरान शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद रहती है। इसी वजह से पूजा समितियां पंडाल निर्माण के साथ सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी तैयारियां करती हैं। अलग-अलग धार्मिक स्थलों और पौराणिक कथाओं पर आधारित पंडालों के जरिए इस बार जमशेदपुर की दुर्गापूजा में भक्ति के साथ कला और संस्कृति का संगम देखने को मिल सकता है।
Tags: