भाजपा ने झारखंड के लिए नए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए, गजेंद्र पटेल को जिम्मेदारी
रांची। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारियों और सह प्रभारियों की नियुक्ति की है। पार्टी की ओर से जारी सूची में झारखंड के लिए भी नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं। गजेंद्र पटेल को झारखंड भाजपा का नया प्रदेश प्रभारी बनाया गया है, जबकि सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से लागू किया है।
गौरतलब है कि गजेंद्र पटेल अब तक पार्टी संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। झारखंड के प्रदेश प्रभारी के तौर पर वह डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का स्थान लेंगे। नई नियुक्तियों के बाद झारखंड में भाजपा के संगठनात्मक कामकाज की निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी नए प्रभारी और सह प्रभारियों के पास होगी।
झारखंड के लिए तीन नेताओं को जिम्मेदारी
भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार झारखंड के लिए गजेंद्र पटेल को प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह सह प्रभारी के रूप में काम करेंगे। निवेदिता सिंह बिहार से हैं, जबकि सौरभ सिंह को झारखंड के संगठनात्मक कामकाज में सह प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है।
इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने राज्य संगठन के लिए जिम्मेदारियों का नया ढांचा तय किया है। प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी आम तौर पर केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच समन्वय की भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा संगठनात्मक बैठकों, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद, पार्टी कार्यक्रमों की समीक्षा और विभिन्न स्तरों पर संगठन से जुड़े विषयों में भी उनकी भूमिका रहती है।
झारखंड के नेताओं को यूपी में जिम्मेदारी
भाजपा ने झारखंड के कुछ नेताओं को दूसरे राज्यों में भी महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी दी है। पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री और झारखंड से जुड़े प्रदीप वर्मा तथा पूर्व विधायक अनंत ओझा को उत्तर प्रदेश का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। उत्तर प्रदेश के लिए विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ चार नेताओं को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा भी शामिल हैं।
इस नियुक्ति के साथ झारखंड भाजपा के दो नेताओं की संगठनात्मक भूमिका अब उत्तर प्रदेश में भी होगी। उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन से जुड़े कामकाज में दोनों नेता प्रदेश प्रभारी के साथ समन्वय करेंगे।
कई राज्यों में संगठनात्मक फेरबदल
भाजपा ने बुधवार को केवल झारखंड में ही बदलाव नहीं किया है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारियों और सह प्रभारियों की नई सूची जारी की है। रिपोर्टों के अनुसार पार्टी ने 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बदलाव किया है।
नई सूची में कई वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है। स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को दी गई है। महाराष्ट्र के लिए बैजयंत पांडा और ओडिशा के लिए डी. पुरंदेश्वरी को प्रभारी बनाए जाने की जानकारी भी सूची में है।
पार्टी के स्तर पर इस तरह के संगठनात्मक फेरबदल के जरिए राज्यों में केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश इकाइयों के बीच समन्वय की व्यवस्था को नए सिरे से तय किया जाता है। नए प्रभारी संबंधित प्रदेशों में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के क्रियान्वयन से जुड़े कामों में भूमिका निभाते हैं।
संगठन विस्तार और समन्वय पर जोर
झारखंड में नई नियुक्तियों के बाद प्रदेश संगठन के सामने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी भी रहेगी। प्रदेश प्रभारी राज्य में पार्टी की संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा करने के साथ जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों से संवाद कर सकते हैं। इसके अलावा पार्टी के विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के साथ तालमेल भी संगठनात्मक काम का हिस्सा होता है।
झारखंड भाजपा ने हाल के दिनों में संगठन के विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों में भी नियुक्तियां की हैं। पार्टी ने 21 सितंबर को मोर्चा और प्रकोष्ठ अध्यक्षों की घोषणा की थी, जिसमें युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने पर जोर होने की जानकारी सामने आई थी।
ऐसे में प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारियों की नई नियुक्ति को राज्य संगठन में चल रही गतिविधियों के बीच एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक-संगठनात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इन नियुक्तियों का आगे पार्टी की गतिविधियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह नए पदाधिकारियों के कामकाज और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों के आधार पर स्पष्ट होगा।
तत्काल प्रभाव से लागू होंगी नियुक्तियां
भाजपा की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। गजेंद्र पटेल अब झारखंड संगठन के केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश इकाई के बीच प्रमुख समन्वयक की भूमिका निभाएंगे। सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह उनके साथ सह प्रभारी के तौर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों में सहयोग करेंगे।
वहीं प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी मिलने से झारखंड के इन नेताओं की संगठनात्मक भूमिका राज्य से बाहर भी बढ़ी है। पार्टी की नई व्यवस्था में अलग-अलग राज्यों के लिए नियुक्त प्रभारी और सह प्रभारी अपने-अपने प्रदेश संगठनों के साथ मिलकर संगठनात्मक गतिविधियों को संचालित करेंगे।
भाजपा के इस व्यापक फेरबदल के बाद अब झारखंड में नए प्रभारी के नेतृत्व में संगठनात्मक गतिविधियों की दिशा पर नजर रहेगी। नई टीम के सामने प्रदेश संगठन के साथ समन्वय, कार्यकर्ताओं के बीच संवाद और पार्टी की घोषित गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।