बड़बिल। ओडिशा के केन्दुझर जिले में पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से पैसे उड़ाने वाले एक बड़े संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह एटीएम बूथ पर लोगों को निशाना बनाकर उनके डेबिट कार्ड बदल देता था और बाद में खाते से पैसे निकाल लेता था। गिरोह के सदस्य काफी समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस का दावा है कि आरोपी ओडिशा के अलग-अलग जिलों में एटीएम कार्ड स्वैपिंग और वित्तीय धोखाधड़ी के 30 से अधिक मामलों में शामिल रहे हैं।
केन्दुझर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों के 232 एटीएम और डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 12 लाख रुपये नकद, नौ स्मार्टफोन और एक कार भी जब्त की गई है। पुलिस अब बरामद एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलराम साहू, मृत्युंजय मोहापात्र, मानस रंजन पाणि और पूर्ण चंद्र मलिक के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने ठगी के अपने तरीके का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य ऐसे एटीएम बूथों की तलाश करते थे जहां भीड़ ज्यादा रहती थी या जहां लोगों को मदद की जरूरत पड़ती थी। इसके बाद वे ग्राहक के पास खड़े होकर पिन डालते समय नजर रखते थे।
आरोपी अक्सर खुद को बैंक कर्मचारी या मददगार बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। जब कोई व्यक्ति एटीएम से पैसे निकालने में परेशानी महसूस करता था तो गिरोह का सदस्य उसकी मदद करने के बहाने उसका कार्ड ले लेता था। इसी दौरान चालाकी से असली कार्ड बदलकर दूसरा कार्ड दे दिया जाता था।
कार्ड बदलने के बाद आरोपी उस कार्ड का इस्तेमाल कर खाते से पैसे निकाल लेते थे। कई बार वे एटीएम से रकम निकालने के अलावा ऑनलाइन लेनदेन भी करते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था और अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से एटीएम ठगी करने वाले गिरोह पर बड़ी चोट पहुंची है। अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि एटीएम इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें। किसी अनजान व्यक्ति को अपना कार्ड न दें और पिन डालते समय आसपास ध्यान रखें। अगर एटीएम कार्ड बदलने या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दें।
डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर अपराधी भी ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। केन्दुझर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर और वित्तीय अपराधों पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।