धनबाद। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) धनबाद में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को एमबीबीएस की 150 सीटों की मान्यता के लिए आवेदन भेजा है। अगर एनएमसी से मंजूरी मिल जाती है तो आने वाले सत्र में मेडिकल कॉलेज में 150 सीटों पर विद्यार्थियों का नामांकन हो सकेगा।
इससे पहले SNMMCH प्रबंधन ने 100 एमबीबीएस सीटों के लिए आवेदन किया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निर्देश के बाद अब सीटों की संख्या बढ़ाकर 150 करने का निर्णय लिया गया है। प्रबंधन ने एनएमसी को दिए गए आवेदन में यह भरोसा भी दिलाया है कि मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों की कमी को अगले दो महीने के भीतर दूर कर लिया जाएगा।
नीट परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद देशभर में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया की तैयारियां शुरू हो गई हैं। SNMMCH में भी नए सत्र के लिए एडमिशन की तैयारी चल रही है। कॉलेज सूत्रों के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह से नीट के माध्यम से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने पहले ही एडमिशन सेल का गठन कर दिया है, जो प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को संभालेगा।
फिलहाल SNMMCH को 100 एमबीबीएस सीटों की मान्यता प्राप्त है। एनएमसी की अनुमति मिलने के बाद सीटों की संख्या बढ़कर 150 हो जाएगी। इससे धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के मेडिकल छात्रों को अधिक अवसर मिल सकेंगे। बढ़ी हुई सीटों से राज्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
हालांकि सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ सबसे बड़ी चुनौती मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों की उपलब्धता है। एनएमसी के नियमों के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में प्रोफेसर और अन्य शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी होती है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार अनुबंध, पीजी बांड और झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) समेत अन्य माध्यमों से डॉक्टरों और शिक्षकों की नियुक्ति कर रही है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि प्रोफेसरों की कमी को जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए अनुबंध के आधार पर भी नियुक्तियां निकाली गई हैं।
SNMMCH में वर्तमान स्थिति की बात करें तो 22 विभागों में से केवल चार विभागों में ही नियमित प्रोफेसर मौजूद हैं। बाकी विभागों का संचालन प्रभार के आधार पर किया जा रहा है। हाल ही में संविदा और वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से कुछ डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा 12 असिस्टेंट प्रोफेसरों ने भी कॉलेज में योगदान दिया है।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि एनएमसी की ओर से तय मानकों को पूरा करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। जिन कमियों की वजह से सीटों की संख्या बढ़ाने में परेशानी आ सकती है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है।
SNMMCH धनबाद लंबे समय से क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र रहा है। एमबीबीएस सीटों में बढ़ोतरी होने से न केवल विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा, बल्कि भविष्य में अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता भी बढ़ सकती है।
अब सभी की नजरें एनएमसी के फैसले पर टिकी हैं। अगर एनएमसी 150 सीटों को मंजूरी दे देता है तो यह धनबाद मेडिकल कॉलेज के लिए बड़ी उपलब्धि होगी और झारखंड में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।