बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मासूम बच्चे की खेल-खेल में असली पिस्टल से गोली चलने के कारण मौत हो गई। घटना माराफारी थाना क्षेत्र के कर्नल मार्केट स्थित रांची मोहल्ले की है, जहां शनिवार, 17 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े तीन साल के साहिल की सिर में गोली लगने से जान चली गई। आरोप है कि बच्चे के सगे मामा राजेश कुमार ने उसे खिलौना बताकर असली पिस्टल थमा दी थी। मासूम पिस्टल को खिलौना समझकर खेलने लगा और इसी दौरान अचानक ट्रिगर दब गया। गोली सीधे बच्चे के सिर में जा लगी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। आरोपी मामा मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने हथियार जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मामा से चॉकलेट मांग रहा था मासूम

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह साहिल अपने घर में मौजूद था। उसकी मां उसे खाना खिला रही थी। इसी दौरान बच्चे का मामा राजेश कुमार घर पहुंचा। मामा को देखकर साहिल ने उससे चॉकलेट लाने की जिद की।

बताया जा रहा है कि राजेश ने बच्चे से चॉकलेट नहीं खाने की बात कही और उसे खिलौना देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उसने कथित तौर पर अपनी पिस्टल निकालकर मासूम के हाथ में थमा दी।

छोटी उम्र होने के कारण साहिल असली और नकली हथियार के बीच अंतर नहीं समझ सका। वह पिस्टल को खिलौना समझकर उससे खेलने लगा।

बच्चे की मां के अनुसार, उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि उनके भाई ने साहिल को असली हथियार दिया है। कुछ ही क्षणों बाद अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी और घर में अफरा-तफरी मच गई।

ट्रिगर दबते ही बच्चे के सिर में लगी गोली

पुलिस के मुताबिक, साहिल पिस्टल से खेल रहा था, तभी अचानक उसके हाथ से ट्रिगर दब गया। पिस्टल से निकली गोली बच्चे के सिर में जा लगी।

गोली लगने के बाद मासूम गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। घटना इतनी अचानक हुई कि परिजन कुछ समझ नहीं सके।

गोली की आवाज सुनकर बच्चे के पिता शंकर राम और आसपास मौजूद लोग घटनास्थल पर पहुंचे। बच्चे को गंभीर हालत में देखकर परिवार के लोग बदहवास हो गए।

अलग-अलग रिपोर्टों में बच्चे को अस्पताल ले जाने और घटनास्थल पर ही मौत होने के संबंध में विवरण में अंतर है। हालांकि, यह पुष्टि हुई है कि गोली लगने से साहिल की मौत हो गई।

मां के सामने उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

मासूम की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस बच्चे को कुछ समय पहले उसकी मां खाना खिला रही थी, उसकी गोली लगने से मौत हो गई।

घटना के बाद बच्चे की मां सदमे में आ गई। पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे दुख में हैं।

परिजनों के अनुसार, उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि बच्चे को खेलने के लिए दिया गया हथियार असली था।

इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। रांची मोहल्ले में भी घटना के बाद शोक का माहौल है।

घटना के बाद आरोपी मामा फरार

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी मामा राजेश कुमार मौके से फरार हो गया। उसकी उम्र करीब 21 वर्ष बताई गई है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद माराफारी थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र करने की कार्रवाई शुरू की।

थाना प्रभारी संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की जांच की। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल को अपने कब्जे में ले लिया है।

आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

पुलिस ने पिस्टल जब्त कर शुरू की जांच

इस मामले में पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी मामा के पास पिस्टल कहां से आई और उसने इतनी कम उम्र के बच्चे को हथियार क्यों थमाया।

हथियार की वैधता और उसके स्रोत की जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कुछ रिपोर्टों में पिस्टल को अवैध बताया गया है, हालांकि हथियार से संबंधित सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर होगी।

पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

जांच में यह भी स्पष्ट किया जाना है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और हथियार रखने तथा बच्चे को सौंपने के संबंध में आरोपी की क्या जिम्मेदारी बनती है।

असली पिस्टल को खिलौना समझ बैठा बच्चा

इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि छोटे बच्चे के हाथ में असली हथियार पहुंच गया। इतनी कम उम्र के बच्चे को किसी हथियार की क्षमता या उससे होने वाले खतरे की समझ नहीं होती।

बच्चे अक्सर खिलौनों को देखकर उनसे खेलने की कोशिश करते हैं। ऐसे में वास्तविक हथियार का उनके हाथों में पहुंचना जानलेवा साबित हो सकता है।

बोकारो की इस घटना में भी मासूम कथित रूप से पिस्टल को खिलौना समझकर उससे खेलने लगा। इसी दौरान गोली चलने से उसकी जान चली गई।

यह मामला हथियारों के सुरक्षित रखरखाव और बच्चों को खतरनाक वस्तुओं से दूर रखने की आवश्यकता को उजागर करता है।

हथियार रखने में लापरवाही पड़ सकती है भारी

बंदूक या पिस्टल जैसे हथियारों के इस्तेमाल और रखरखाव में अत्यधिक सावधानी जरूरी है। हथियार लाइसेंसी हो या अवैध, उसका असुरक्षित तरीके से रखा जाना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हथियार हमेशा सुरक्षित और बंद स्थान पर रखना चाहिए, जहां बच्चों या अनधिकृत व्यक्तियों की पहुंच न हो। किसी भी परिस्थिति में बच्चों को असली हथियार खेलने के लिए नहीं देना चाहिए।

हथियारों के संबंध में लापरवाही केवल संबंधित व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और आसपास के लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

फिलहाल बोकारो पुलिस आरोपी मामा की तलाश में जुटी है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल पिस्टल जब्त कर ली है और प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस घटना में बच्चे के मामा की कथित लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

बोकारो के रांची मोहल्ले में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। चॉकलेट मांग रहे मासूम के हाथ में पिस्टल पहुंचने और गोली चलने से हुई मौत ने हथियारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

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