जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर से भारतीय जनता पार्टी के लिए दुखद खबर सामने आई है। भाजपा जमशेदपुर महानगर के वरिष्ठ नेता, पूर्व जिलाध्यक्ष और जनसंघ की विचारधारा से लंबे समय तक जुड़े रहे चंद्रशेखर मिश्रा का बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को अचानक निधन हो गया। शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर से निकलते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें तत्काल टाटा मोटर्स अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके आकस्मिक निधन से भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और जमशेदपुर के राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई है।

शिलान्यास कार्यक्रम में जाने के दौरान बिगड़ी तबीयत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह चंद्रशेखर मिश्रा जमशेदपुर के छायानगर में आयोजित एक शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने भालूबासा स्थित आवास से निकल रहे थे। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

बताया जा रहा है कि गाड़ी में बैठते समय उन्हें असहजता महसूस हुई और वे गिर पड़े। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिवार के सदस्यों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

रिपोर्ट के मुताबिक, उनके बेटे नवीन मिश्रा ने उन्हें बचाने के लिए सीपीआर देने का भी प्रयास किया। इसके बाद परिजन उन्हें टाटा मोटर्स अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मृत्यु की खबर सामने आते ही परिवार और राजनीतिक सहयोगियों में शोक छा गया।

निधन की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे भाजपा नेता

चंद्रशेखर मिश्रा के निधन की खबर मिलते ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का टाटा मोटर्स अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर शोक व्यक्त किया।

भाजपा सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक पूर्णिमा साहू, पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां और भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले सहित विभिन्न राजनीतिक हस्तियों ने उनके निधन पर दुख जताया।

नेताओं ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि चंद्रशेखर मिश्रा का निधन पार्टी संगठन और सामाजिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है।

भाजपा संगठन को मजबूत करने में निभाई अहम भूमिका

चंद्रशेखर मिश्रा भारतीय जनता पार्टी के अनुभवी नेताओं में शामिल थे। उन्होंने जमशेदपुर महानगर के जिलाध्यक्ष के रूप में पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम किया था।

संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी और कार्यकर्ताओं से जुड़ाव उनकी राजनीतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी पूरी करने के बाद भी वे पार्टी से लगातार जुड़े रहे।

वे संगठन की बैठकों, राजनीतिक कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों में भाग लेते थे। पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने तथा संगठनात्मक अनुभव साझा करने में भी उनकी भूमिका रही।

राजनीतिक जीवन में लंबे अनुभव के कारण उन्हें पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में विशेष सम्मान प्राप्त था।

निधन से एक दिन पहले भी भाजपा की बैठक में हुए थे शामिल

चंद्रशेखर मिश्रा की संगठन के प्रति सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निधन से एक दिन पहले मंगलवार को भी उन्होंने भाजपा जमशेदपुर महानगर की बैठक में भाग लिया था।

रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में उन्होंने पूरे उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। इसके अगले ही दिन अचानक उनकी मृत्यु की खबर ने पार्टी कार्यकर्ताओं को स्तब्ध कर दिया।

पार्टी के साथ उनका लंबे समय से जुड़ाव रहा और वे अंतिम समय तक राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय थे।

धार्मिक और सामाजिक संगठनों से भी था गहरा जुड़ाव

चंद्रशेखर मिश्रा की पहचान केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में सीमित नहीं थी। वे जमशेदपुर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों से भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे।

वे बस्ती विकास समिति के अध्यक्ष रह चुके थे। इसके अलावा भालूबासा शीतला मंदिर समिति के अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई थी।

सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के कारण शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों से उनका संपर्क बना हुआ था। धार्मिक आयोजनों और स्थानीय सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति रहती थी।

उनके निधन से इन संगठनों से जुड़े लोगों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है।

पवन अग्रवाल ने बताया पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति

भाजपा के वरिष्ठ नेता पवन अग्रवाल ने चंद्रशेखर मिश्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके जाने से भाजपा परिवार को बड़ा आघात पहुंचा है।

पवन अग्रवाल ने उनके संगठनात्मक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि पार्टी तथा समाज के लिए किए गए उनके कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने अस्पताल पहुंचकर शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।

जमशेदपुर के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में खालीपन

चंद्रशेखर मिश्रा का अचानक निधन जमशेदपुर भाजपा संगठन के लिए महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है। लंबे समय तक संगठन से जुड़े रहने के कारण उन्हें पार्टी की कार्यप्रणाली और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों का अनुभव था।

उनकी मृत्यु के बाद भाजपा कार्यकर्ता उनके योगदान को याद कर रहे हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि उनके जैसे अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन संगठन के लिए महत्वपूर्ण रहा है।

चंद्रशेखर मिश्रा ने अपने राजनीतिक जीवन के साथ सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी निरंतर भागीदारी निभाई। ऐसे में उनके निधन से न केवल राजनीतिक क्षेत्र, बल्कि उनसे जुड़े सामाजिक संगठनों में भी शोक का माहौल है।

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