धनबाद। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम महतो ने जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया है। शुक्रवार को धनबाद व्यवहार न्यायालय में सियालजोरी इलेक्ट्रो स्टील धरना मामले में पेशी के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज बताया और कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।
जयराम महतो ने कहा कि झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। रांची में छात्र 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने, परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल की भूमिका की जांच और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों का समर्थन किया जाता है और उनकी लड़ाई में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जेपीएससी अभ्यर्थियों ने पहले ही यह निर्णय लिया है कि उनके आंदोलन के मंच पर किसी भी राजनीतिक दल या नेता को स्थान नहीं दिया जाएगा। जयराम महतो ने कहा कि वह छात्रों के इस फैसले का सम्मान करते हैं और इसी वजह से आंदोलन के मंच पर शामिल नहीं हुए। हालांकि उन्होंने बाहर से छात्रों की मांगों का समर्थन जारी रखने की बात कही।
डुमरी विधायक ने सिल्ली विधानसभा के पूर्व जेएलकेएम प्रत्याशी देवेंद्र नाथ महतो की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देवेंद्र नाथ महतो लगातार जेपीएससी अभ्यर्थियों के मुद्दे को मजबूती से उठा रहे हैं और छात्रों की समस्याओं को सामने लाने का काम कर रहे हैं।
वहीं, धनबाद कोर्ट में चल रहे सियालजोरी इलेक्ट्रो स्टील धरना मामले को लेकर जयराम महतो ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रो स्टील प्लांट में स्थानीय ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। उस समय झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा प्रदेशभर में जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय था।
जयराम महतो ने आरोप लगाया कि इस मामले में उनका नाम केवल एक पोस्टर पर लगी तस्वीर के आधार पर जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि वह घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे, इसके बावजूद प्राथमिकी में उनका नाम शामिल किया गया। उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले लोगों पर मुकदमा दर्ज करने को उचित नहीं बताया।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को उठाना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है और इसके लिए आवाज उठाने वालों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह कानून और न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं। वह न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रहे हैं और उन्हें अदालत से न्याय मिलने का भरोसा है।
गौरतलब है कि जयराम महतो झारखंड की राजनीति में युवाओं और रोजगार के मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहे हैं। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा राज्य में लंबे समय से चर्चा में है। छात्र संगठन लगातार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे हैं।
जयराम महतो के समर्थन के बाद जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने की चर्चा तेज हो गई है। वहीं, सियालजोरी मामले में अदालत की प्रक्रिया पर भी सभी की नजर बनी हुई है। विधायक ने भरोसा जताया है कि न्यायालय में सुनवाई के दौरान सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।