चिंतामणि। कर्नाटक के चिंतामणि तालुक के डोड्डाबोम्मनहल्ली गांव में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा सामने आया। यहां संचालित आंगनवाड़ी केंद्र की छत का सीमेंट प्लास्टर अचानक गिर गया, जिससे चार छोटे बच्चे और एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घायल हो गए।
घटना के समय बच्चे आंगनवाड़ी केंद्र के अंदर अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में व्यस्त थे। अचानक छत से सीमेंट का बड़ा हिस्सा नीचे गिरने से वहां मौजूद बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद तुरंत बच्चों और घायल कार्यकर्ता को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अचानक गिरा छत का प्लास्टर
जानकारी के अनुसार, डोड्डाबोम्मनहल्ली गांव के आंगनवाड़ी केंद्र में शुक्रवार को सामान्य दिनों की तरह बच्चों की गतिविधियां चल रही थीं। बच्चे पढ़ाई और अन्य कार्यक्रमों में शामिल थे।
इसी दौरान अचानक छत का सीमेंट प्लास्टर टूटकर नीचे गिर गया। छत से गिरे मलबे की चपेट में आने से वहां मौजूद बच्चे घायल हो गए।
घटना के बाद आंगनवाड़ी केंद्र में मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायल बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
चार बच्चे और कार्यकर्ता घायल
हादसे में घायल बच्चों की पहचान शानवी, रितिका, जीविका और दिया के रूप में हुई है। इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भाग्यम्मा भी इस घटना में घायल हो गईं।
सभी घायलों को तत्काल चिंतामणि सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।
जानकारी के मुताबिक, एक बच्चे की हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य घायलों का उपचार किया जा रहा है।
बड़ा हादसा टला
राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। जिस समय छत का प्लास्टर गिरा, उस दौरान यदि बड़ी मात्रा में मलबा गिरता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों के केंद्र में इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भवन की स्थिति की जांच जरूरी है।
25 साल से ज्यादा पुरानी है इमारत
स्थानीय जानकारी के अनुसार, आंगनवाड़ी केंद्र की इमारत 25 साल से अधिक पुरानी है। लंबे समय से भवन की मरम्मत और रखरखाव की जरूरत महसूस की जा रही थी।
छत गिरने की घटना के बाद अब जर्जर भवन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि पुराने भवनों की नियमित जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण किया जाए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
आंगनवाड़ी केंद्र छोटे बच्चों के लिए महत्वपूर्ण स्थान होते हैं, जहां उन्हें शिक्षा, पोषण और प्रारंभिक विकास से जुड़ी सुविधाएं दी जाती हैं।
ऐसे में भवन की मजबूती और सुरक्षा सबसे अहम होती है। इस घटना ने सरकारी भवनों के रखरखाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की स्थिति की जांच की जाती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
प्रशासन से जांच की मांग
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। अब भवन की स्थिति और हादसे के कारणों की जांच की जा सकती है।
अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि छत का प्लास्टर किन कारणों से गिरा और क्या भवन की मरम्मत को लेकर पहले कोई कदम उठाए गए थे।
बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों जैसे स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पुरानी इमारतों की समय-समय पर जांच, मरम्मत और सुरक्षा ऑडिट जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
चिंतामणि के डोड्डाबोम्मनहल्ली गांव में हुई यह घटना सरकारी भवनों के रखरखाव की आवश्यकता को उजागर करती है। फिलहाल घायल बच्चों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का इलाज जारी है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाएगा।