बेंगलुरु डिवीजन के 37 तालुकों में सूखे जैसे हालात, बारिश की कमी से बढ़ी चिंता
चित्रदुर्ग : कर्नाटक के बेंगलुरु डिवीजन में बारिश की कमी ने चिंता बढ़ा दी है। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव मनोज कुमार मीना ने शनिवार को कहा कि कम बारिश के कारण डिवीजन के 37 तालुकों में सूखे जैसे गंभीर हालात बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु डिवीजन के सभी जिलों में इस वर्ष सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे कृषि और जल संसाधनों पर असर पड़ने की आशंका है।
चित्रदुर्ग में आयोजित बेंगलुरु क्षेत्रीय डिवीजन-स्तरीय विकास समीक्षा बैठक में बारिश की स्थिति और सूखे को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई। बैठक में डिवीजन के विभिन्न जिलों में वर्षा की कमी, कृषि गतिविधियों और संभावित चुनौतियों पर चर्चा की गई।
मनोज कुमार मीना ने बताया कि बेंगलुरु डिवीजन में शामिल सभी जिलों में बारिश का स्तर सामान्य से नीचे रहा है। लगातार कम बारिश के कारण कई क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और खेती से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
बेंगलुरु डिवीजन में कुल नौ जिले शामिल हैं। इनमें बेंगलुरु अर्बन, बेंगलुरु रूरल, बेंगलुरु साउथ (रामनगर), कोलार, चिक्कबल्लापुर, तुमकुरु, चित्रदुर्ग, दावणगेरे और शिवमोग्गा जिले शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में बारिश की कमी का प्रभाव अलग-अलग स्तर पर देखने को मिल रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, कम बारिश का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि आधारित इलाकों पर पड़ रहा है। समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं होने से बुवाई और फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। किसानों को सिंचाई और जल उपलब्धता को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने सूखे की स्थिति से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी भी दी। प्रशासन की ओर से जल स्रोतों की स्थिति, पेयजल आपूर्ति और कृषि क्षेत्र में पैदा हो रही चुनौतियों की निगरानी की जा रही है।
प्रधान सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन करें और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि लोगों को पेयजल की समस्या न हो, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
बैठक में सूखे के प्रभाव को कम करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। कृषि, ग्रामीण विकास, जल संसाधन और राजस्व विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
कर्नाटक में बारिश का पैटर्न इस वर्ष असमान रहा है। कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में लंबे समय तक सूखे जैसी स्थिति बनी रही। बेंगलुरु डिवीजन के कई हिस्से पहले से ही पानी की कमी और भूजल स्तर में गिरावट जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
किसानों का कहना है कि बारिश में देरी और कमी के कारण खेती की लागत बढ़ रही है। कई क्षेत्रों में फसलों की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से राहत और सहायता उपायों की उम्मीद की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक रिपोर्ट तैयार की जा रही है और हालात के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित तालुकों में स्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी।
बैठक में बेंगलुरु डिवीजन के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही बारिश की कमी से पैदा हुई परिस्थितियों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई।
राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकार की प्राथमिकता लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना, किसानों को आवश्यक सहायता देना और सूखे के प्रभाव को कम करना है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति के आधार पर प्रशासन आगे की योजना तैयार करेगा।
फिलहाल बेंगलुरु डिवीजन के 37 तालुकों में बने सूखे जैसे हालात प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। कम बारिश के कारण पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार और जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहे हैं।