बेंगलुरु में ‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान शुरू, कचरा मुक्त शहर का लक्ष्य
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को बेंगलुरु में शहर को साफ-सुथरा और कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य से ‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ (कचरे से आजादी) अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जल्द ही एक “ऐतिहासिक” योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत अवैध तरीके से कचरा फेंकने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा खाली प्लॉटों के रखरखाव के लिए नए नियम लागू किए जाएंगे और शहर में हरियाली बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान एक महीने तक चलाया जाएगा। इसे ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अंतर्गत आने वाले पांच नगर निगमों, बैंगलोर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कॉरपोरेशन (BSWML) और अन्य सरकारी एजेंसियों के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर को निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे, बेकार पड़े कचरे और अन्य प्रकार के अपशिष्ट से मुक्त करना है। प्रशासन का लक्ष्य है कि बेंगलुरु में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार सुबह हेब्बल जंक्शन के पास स्थित एक मोर्टार टैंक में मिट्टी डालकर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने नागरिकों से भी शहर की सफाई व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “बेंगलुरु सरकार की संपत्ति नहीं है। बेंगलुरु आपकी संपत्ति है। हमने आपकी संपत्ति की सुरक्षा के उद्देश्य से ही यह महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर को साफ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
शिवकुमार ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण बेंगलुरु में कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन गया है। निर्माण गतिविधियों, बढ़ती आबादी और अनियंत्रित कचरा निपटान के कारण कई इलाकों में समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर स्थिति में सुधार किया जाएगा।
अभियान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में सफाई अभियान चलाया जाएगा। अवैध रूप से कचरा फेंकने वालों पर नजर रखने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने खाली प्लॉटों को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि ऐसे स्थान अक्सर कचरा फेंकने के केंद्र बन जाते हैं। इसलिए इनके रखरखाव के लिए सख्त नियम बनाए जाएंगे, ताकि शहर की सुंदरता और स्वच्छता बनी रहे।
इसके साथ ही बेंगलुरु में हरियाली बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। शहर के पर्यावरण संतुलन को बेहतर बनाने के लिए पौधारोपण और हरित क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि ‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कचरा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक कदम होगा। इसमें कचरे के सही निपटान, पुनर्चक्रण और नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जाएगा।
बेंगलुरु देश के प्रमुख आईटी शहरों में शामिल है और यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे में शहर की साफ-सफाई और बेहतर बुनियादी सुविधाएं इसकी पहचान के लिए महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे कचरा इधर-उधर न फेंकें और प्रशासन के प्रयासों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी से ही बेंगलुरु को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाया जा सकता है।
‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान के जरिए राज्य सरकार अब बेंगलुरु की सफाई व्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में इस अभियान के तहत होने वाली कार्रवाई और योजनाओं से शहर में स्वच्छता व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।