हावेरी जिले ने SIR प्रक्रिया में बनाई बढ़त, 87.09% एन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा

Update: 2026-07-25 05:39 GMT

हावेरी : कर्नाटक के हावेरी जिले ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान में राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। जिला चुनाव अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर विजय महंतेश दानमनावर ने शुक्रवार को जानकारी दी कि जिले में अब तक 87.09 प्रतिशत एन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है। यह आंकड़ा राज्य के अन्य जिलों की तुलना में सबसे अधिक है।

डिप्टी कमिश्नर ने यह जानकारी शहर स्थित अपने कार्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक के दौरान दी। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में SIR प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से यह विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं और भरे हुए फॉर्म वापस एकत्रित कर रहे हैं।

विजय महंतेश दानमनावर ने बताया कि BLO स्तर पर किए जा रहे कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्राप्त फॉर्म की जांच के बाद उन्हें डिजिटल सिस्टम में दर्ज किया जा रहा है। जिले में डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है, जिससे हावेरी ने राज्य में पहला स्थान हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि एन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा होने के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाताओं के नाम प्रकाशित किए जाएंगे। इसके बाद नागरिकों को सूची की जांच करने और आवश्यक सुधार के लिए अवसर दिया जाएगा।

जिला चुनाव अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे SIR प्रक्रिया में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी पक्षों का सहयोग जरूरी है। राजनीतिक दलों के सुझाव और आपत्तियों को भी नियमानुसार शामिल किया जाएगा।

बैठक में अधिकारियों ने राजनीतिक दलों को SIR अभियान की प्रगति और आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार हर चरण को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जा रहा है।

स्पेशल इंटेंसिव रिविजन का उद्देश्य मतदाता सूची में शामिल सभी योग्य नागरिकों की जानकारी को सत्यापित करना और गलत या अपूर्ण प्रविष्टियों को सुधारना है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे और अनियमित प्रविष्टियों को हटाया जा सके।

हावेरी जिले में इस अभियान को सफल बनाने के लिए चुनाव विभाग के अधिकारियों, BLO और अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। घर-घर जाकर फॉर्म वितरण और संग्रह का काम बड़े स्तर पर किया गया है।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि डिजिटल प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची प्रबंधन और अधिक आसान हो जाएगा। डिजिटाइजेशन से रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और भविष्य में मतदाता संबंधी जानकारी को अपडेट करने में भी सुविधा मिलेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष कार्य भी तय समय सीमा में पूरा किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पात्र मतदाताओं को इस प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिले।

बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी SIR प्रक्रिया को लेकर अपने विचार रखे। अधिकारियों ने उनकी बातों को सुना और चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

मतदाता सूची का सही होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्येक नागरिक का नाम सही जानकारी के साथ दर्ज होना निष्पक्ष चुनाव के लिए महत्वपूर्ण है।

हावेरी जिले की यह उपलब्धि प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय और चुनाव कर्मियों की सक्रियता का परिणाम मानी जा रही है। राज्य में सबसे अधिक 87.09 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज करने के बाद अब प्रशासन की कोशिश है कि आगे के चरण भी समय पर पूरे किए जाएं।

फिलहाल जिले में SIR प्रक्रिया लगातार जारी है और प्रशासन का लक्ष्य है कि मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और अधिक विश्वसनीय बनाया जाए। अधिकारियों ने कहा है कि अभियान के अगले चरणों को भी इसी गति के साथ पूरा किया जाएगा।

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