कर्नाटक में 1 नवंबर तक बारिश की संभावना कम, दिन में गर्मी और रात में बढ़ेगी ठंड
बेंगलुरु। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कारण दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बीच कर्नाटक में चक्रवात का असर अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में एक नवंबर तक मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने दिन के तापमान में बढ़ोतरी और रात के तापमान में गिरावट के संकेत भी दिए हैं। पूर्वानुमान के अनुसार, कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इस बदलाव से दिन में हल्की गर्मी और सुबह-रात के समय ठंडक महसूस हो सकती है।
कर्नाटक में चक्रवात अर्नब का असर सीमित रहने का अनुमान
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात 'अर्नब' लगातार शक्तिशाली हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों में तेज बारिश तथा हवाएं चलने की आशंका है।
हालांकि, कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों में इस चक्रवात से व्यापक बारिश होने की संभावना कम बताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, तूफान की संभावित दिशा के कारण इसका मुख्य प्रभाव आंध्र प्रदेश और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में केंद्रित रहने का अनुमान है।
आईएमडी ने 28 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवात के आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच पहुंचने की संभावना जताई है। इस दौरान अधिकतम निरंतर हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
1 नवंबर तक ज्यादातर शुष्क रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कर्नाटक में अक्टूबर के अंतिम दिनों से नवंबर की शुरुआत तक बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है।
बेंगलुरु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि उत्तरी कर्नाटक और कई अन्य क्षेत्रों में आसमान साफ रहने या आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि शुष्क मौसम का अर्थ बारिश की संभावना पूरी तरह समाप्त होना नहीं है। स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर अचानक बादल बनने और हल्की बारिश होने की संभावना बनी रह सकती है।
फिलहाल राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक और लगातार भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।
दिन में बढ़ेगी गर्मी, रात में गिर सकता है तापमान
बारिश की गतिविधियों में कमी आने के साथ कर्नाटक के तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने का अनुमान है। वहीं रात का न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
आसमान साफ रहने की स्थिति में दिन के दौरान धूप तेज महसूस हो सकती है। दूसरी ओर, रात में धरातल से गर्मी तेजी से निकलने के कारण तापमान में गिरावट संभव है।
हालांकि, तापमान में यह बदलाव राज्य के सभी जिलों में एक समान नहीं होगा। तटीय क्षेत्रों, पहाड़ी इलाकों और मैदानी जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग तापमान दर्ज हो सकता है।
27 से 29 अक्टूबर तक तेज हवाओं का येलो अलर्ट
कर्नाटक में भारी बारिश की व्यापक आशंका भले ही कम हो, लेकिन मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
आईएमडी की 27 अक्टूबर की चेतावनी के अनुसार, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 27 और 28 अक्टूबर को तेज सतही हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
इसी तरह उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 28 और 29 अक्टूबर के लिए चेतावनी जारी की गई है।
तटीय कर्नाटक में फिलहाल एक नवंबर तक किसी व्यापक मौसम चेतावनी का उल्लेख नहीं है। फिर भी मौसम की स्थिति बदलने पर स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से नई एडवाइजरी जारी की जा सकती है।
कर्नाटक में अक्टूबर के दौरान सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश
कर्नाटक में इस साल मानसूनी बारिश की कमी भी चिंता का विषय बनी हुई है।
उपलब्ध मौसम आंकड़ों के अनुसार, एक से 25 अक्टूबर के बीच राज्य में औसतन 78 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि की सामान्य वर्षा लगभग 114 मिलीमीटर है।
इस तरह अक्टूबर के शुरुआती 25 दिनों में राज्य में सामान्य से करीब 32 प्रतिशत कम बारिश हुई।
उत्तर आंतरिक कर्नाटक में स्थिति अधिक गंभीर रही। इस क्षेत्र में अक्टूबर के दौरान सामान्य 96 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से लगभग 85 प्रतिशत कम है।
वहीं बेंगलुरु शहरी क्षेत्र में 136 मिलीमीटर की सामान्य बारिश के मुकाबले लगभग 126 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जो अपेक्षाकृत सामान्य स्थिति के करीब है।
किसानों के लिए बारिश की कमी बनी चिंता का कारण
कर्नाटक के कई क्षेत्रों में खेती मानसूनी वर्षा पर निर्भर है। ऐसे में लगातार कम बारिश होने से किसानों की चिंताएं बढ़ सकती हैं।
विशेष रूप से वर्षा आधारित खेती वाले इलाकों में मिट्टी की नमी कम होने का खतरा रहता है। इसका प्रभाव फसलों की बढ़वार और आगामी कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, शुष्क मौसम लंबा खिंचने पर किसानों को मिट्टी में उपलब्ध नमी और सिंचाई संसाधनों को ध्यान में रखकर खेती की योजना बनानी चाहिए।
जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा सीमित है, वहां बारिश की कमी कृषि उत्पादन और पशुओं के चारे की उपलब्धता के लिए चुनौती बन सकती है।
हालांकि, वास्तविक कृषि नुकसान का आकलन स्थानीय वर्षा, फसल की स्थिति और सिंचाई सुविधाओं के आधार पर ही किया जा सकता है।
बेंगलुरु में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी बेंगलुरु में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां कम होने का अनुमान है। हालांकि, कुछ स्थानों पर आंशिक बादल छाने और हल्की वर्षा की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
दिन में धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी महसूस हो सकती है, जबकि सुबह और देर रात हल्की ठंडक का अनुभव हो सकता है।
मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से खुले स्थानों, निर्माण स्थलों और पेड़ों के आसपास तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहना जरूरी है।
नवंबर की शुरुआत में फिर बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, कर्नाटक में अक्टूबर के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के बाद नवंबर की शुरुआत में मौसम की स्थिति दोबारा बदल सकती है।
हालांकि, अगले महीने बारिश कब और कितनी होगी, इसे लेकर अभी निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
मौसम वैज्ञानिक चक्रवात 'अर्नब' की गतिविधियों, हवा की दिशा और बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी परिस्थितियों पर लगातार नजर रख रहे हैं।
फिलहाल कर्नाटक के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि चक्रवात 'अर्नब' से राज्य में व्यापक भारी बारिश का खतरा कम दिखाई दे रहा है। हालांकि, तेज हवाओं, स्थानीय गरज-चमक और तापमान में बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।