PM मोदी ने मैसूर के रामकृष्ण आश्रम में ‘विवेक मेमोरियल’ का किया उद्घाटन
मैसूर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कर्नाटक के सांस्कृतिक शहर मैसूर पहुंचे, जहां उन्होंने रामकृष्ण आश्रम में ‘विवेक मेमोरियल’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने आश्रम परिसर में कुछ समय ध्यान भी किया और आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया।
प्रधानमंत्री का यह दौरा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ा रहा। रामकृष्ण आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों और उनके योगदान को याद किया।
विशेष हेलीकॉप्टर से मैसूर पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार दोपहर एक विशेष हेलीकॉप्टर से मैसूर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर ओवल ग्राउंड में उतरा, जहां कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया सहित अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया।
स्वागत के बाद प्रधानमंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रामकृष्ण आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने ‘विवेक मेमोरियल’ का उद्घाटन किया।
‘विवेक मेमोरियल’ का उद्घाटन
रामकृष्ण आश्रम में बनाए गए ‘विवेक मेमोरियल’ का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और आध्यात्मिक संदेश को लोगों तक पहुंचाना है।
स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया था। उनके विचार आज भी समाज और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत माने जाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्मारक के उद्घाटन के बाद आश्रम परिसर का दौरा किया और वहां की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
आश्रम में किया ध्यान
विवेक मेमोरियल के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने रामकृष्ण आश्रम में कुछ समय ध्यान किया। उन्होंने आध्यात्मिक माहौल में बैठकर ध्यान और चिंतन किया।
प्रधानमंत्री पहले भी अपने विभिन्न दौरों के दौरान धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों पर जाकर ध्यान करते रहे हैं। उनका यह कार्यक्रम भी आध्यात्मिक परंपराओं और भारतीय संस्कृति से जुड़ा रहा।
स्वामी विवेकानंद के विचारों पर जोर
कार्यक्रम के दौरान स्वामी विवेकानंद के योगदान को याद किया गया। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उनका संदेश मानव सेवा, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्थान पर आधारित था। देशभर में रामकृष्ण मिशन और उससे जुड़े संस्थान शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
कर्नाटक दौरे का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी का मैसूर दौरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मैसूर को कर्नाटक के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों में गिना जाता है और यहां कई ऐतिहासिक तथा धार्मिक स्थल मौजूद हैं।
रामकृष्ण आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के जरिए भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और स्वामी विवेकानंद के विचारों को केंद्र में रखा गया।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल की मौजूदगी
प्रधानमंत्री के स्वागत कार्यक्रम में राज्यपाल थावर चंद गहलोत और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की मौजूदगी रही। इसके अलावा मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था।
संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने कई मौकों पर भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया है। मैसूर में ‘विवेक मेमोरियल’ का उद्घाटन भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना जा रहा है।
स्वामी विवेकानंद के विचारों को आज के समय में युवाओं और समाज के लिए प्रासंगिक बताते हुए उनके संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
मैसूर में प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम आध्यात्मिकता, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के विचारों के साथ जुड़ा रहा, जिसमें स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को विशेष रूप से याद किया गया।