बेंगलुरु में खाली प्लॉट मालिकों को राहत, GBA ने सफाई की समय-सीमा 22 अगस्त तक बढ़ाई
बेंगलुरु। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने राजधानी के खाली प्लॉट मालिकों को बड़ी राहत दी है। शहर में खाली जमीनों से कचरा, झाड़-झंखाड़ और निर्माण मलबा हटाने की समय-सीमा अब बढ़ाकर 22 अगस्त 2026 कर दी गई है। इससे पहले प्लॉट मालिकों को निर्धारित समय के भीतर अपनी संपत्तियों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए थे।
GBA ने यह फैसला प्लॉट मालिकों की मांग और जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए लिया है। अधिकारियों के अनुसार, खाली जगहों से कचरा और कंस्ट्रक्शन मलबा हटाने के लिए पर्याप्त संख्या में कॉन्ट्रैक्टर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इसके कारण कई प्लॉट मालिक तय समय सीमा के अंदर सफाई का काम पूरा नहीं कर सके। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से अतिरिक्त समय देने की अपील की थी।
प्लॉट मालिकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए GBA ने समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया और इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया। अब खाली जमीनों के मालिकों को अपनी संपत्तियों की सफाई के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
GBA ने अपने बयान में सभी प्रॉपर्टी मालिकों से अपील की है कि वे इस अतिरिक्त समय का सही उपयोग करें और अपनी खाली जमीनों से कचरा व अनावश्यक वनस्पति हटाने का काम पूरा करें। अथॉरिटी ने कहा कि शहर को साफ और बेहतर बनाने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी है।
अथॉरिटी ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों की सफाई जहां प्रशासन की जिम्मेदारी है, वहीं निजी संपत्तियों का रखरखाव संबंधित मालिकों की जिम्मेदारी होती है। अगर सभी लोग मिलकर शहर की सफाई व्यवस्था में सहयोग करेंगे तो बेंगलुरु को और बेहतर बनाया जा सकता है।
दरअसल, बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते महानगर में खाली प्लॉट अक्सर कचरा फेंकने के स्थान बन जाते हैं। कई जगहों पर जमा कचरे और उगी झाड़ियों के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े खतरे भी बढ़ जाते हैं।
GBA ने इस अभियान के जरिए शहर में साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास शुरू किया है। अधिकारियों का मानना है कि खाली प्लॉटों की नियमित सफाई होने से कचरा प्रबंधन बेहतर होगा और मच्छरों समेत अन्य बीमारियों के फैलाव को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।
वहीं, खाली प्लॉट की सफाई के लिए वसूली जाने वाली फीस को लेकर उठ रहे सवालों पर भी GBA ने स्थिति स्पष्ट की है। कुछ प्लॉट मालिकों ने आरोप लगाया था कि सफाई शुल्क अधिक है। इस पर अथॉरिटी ने कहा कि सफाई की दरें एकतरफा तरीके से तय नहीं की गई हैं।
GBA के अनुसार, सफाई शुल्क तय करने से पहले संबंधित प्रक्रियाओं और आवश्यक मानकों को ध्यान में रखा गया है। अथॉरिटी ने कहा कि शुल्क व्यवस्था का उद्देश्य केवल सफाई कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है, न कि प्लॉट मालिकों पर अतिरिक्त बोझ डालना।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति अपनी निजी संपत्ति की सफाई खुद कराना चाहता है तो वह निर्धारित नियमों के अनुसार ऐसा कर सकता है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शहर में गंदगी कम करना और नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
समय सीमा बढ़ने के बाद अब प्लॉट मालिकों के पास अपनी जमीनों की सफाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त अवसर है। GBA ने उम्मीद जताई है कि सभी लोग इस पहल में सहयोग करेंगे और बेंगलुरु को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने में योगदान देंगे।
शहर प्रशासन का कहना है कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। जब प्रशासन और नागरिक मिलकर काम करेंगे तभी बेंगलुरु जैसे बड़े शहर की चुनौतियों का समाधान संभव होगा।