KPSC जांच SIT में शामिल IPS अधिकारी का अचानक तबादला, चित्रदुर्ग SP बनाए गए कुशल चौकसी
बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने अचानक एक प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए IPS अधिकारी कुशल चौकसी का तबादला कर दिया है। उन्हें चित्रदुर्ग जिले का पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है। सरकार के इस आदेश के सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासनिक हलकों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि चौकसी उन अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें हाल ही में कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में शामिल किया गया था।
चौकसी की नई नियुक्ति को लेकर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि हाई कोर्ट के निर्देश के बाद गठित SIT में उनकी भूमिका तय की गई थी। यह SIT पुलिस महानिदेशक (DGP) आलोक कुमार की अध्यक्षता में काम कर रही है। टीम को KPSC से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। 21 सितंबर को हाई कोर्ट के समक्ष इस जांच से संबंधित घटनाक्रम सामने आया था और इसके बाद SIT में अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी।
अब राज्य सरकार के अचानक जारी आदेश में कुशल चौकसी को चित्रदुर्ग जिले का SP बनाए जाने से जांच टीम की संरचना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, सरकार की ओर से जारी आदेश में तबादले की वजह के बारे में कोई विशेष जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में चौकसी को SIT से हटाए जाने और नई जिम्मेदारी दिए जाने के प्रशासनिक कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कुशल चौकसी भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं और राज्य पुलिस व्यवस्था में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अब उन्हें चित्रदुर्ग जैसे महत्वपूर्ण जिले की पुलिस कमान सौंपी गई है। SP के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी में जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल होंगे।
KPSC कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़ा मामला
कर्नाटक लोक सेवा आयोग में कथित अनियमितताओं को लेकर सामने आए मामले की जांच को लेकर हाई कोर्ट की निगरानी और निर्देशों का महत्व है। इसी क्रम में DGP आलोक कुमार की अध्यक्षता में SIT गठित की गई थी। जांच टीम का उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाना और कथित अनियमितताओं की जांच करना है।
21 सितंबर को हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद SIT में अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। कुशल चौकसी भी उन अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें इस टीम का हिस्सा बनाया गया था। ऐसे में कुछ ही दिनों के भीतर उनका तबादला किए जाने से यह सवाल उठ रहा है कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद SIT में उनकी भूमिका का क्या होगा।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना संभव नहीं है कि तबादले का संबंध KPSC जांच से ही है। सरकार के आदेश में ऐसा कोई कारण दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक स्पष्टीकरण या आगे की कार्रवाई का इंतजार करना जरूरी होगा।
अचानक आदेश से बढ़ी चर्चा
सरकार की ओर से जारी आदेश को अचानक इसलिए माना जा रहा है क्योंकि चौकसी को हाल ही में SIT में जिम्मेदारी मिली थी। एक तरफ वह हाई कोर्ट से जुड़े निर्देशों के तहत गठित जांच टीम में शामिल किए गए और दूसरी तरफ अब उन्हें जिले की पुलिस कमान सौंप दी गई है।
प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। हालांकि किसी अधिकारी को किसी विशेष जांच टीम में शामिल किए जाने के तुरंत बाद दूसरी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने पर स्वाभाविक रूप से प्रशासनिक हलकों में चर्चा हो सकती है। इस मामले में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि KPSC मामले की जांच के लिए गठित SIT में चौकसी की जगह किसी अन्य अधिकारी को शामिल किया जाता है या टीम की संरचना में कोई और बदलाव किया जाता है। साथ ही चित्रदुर्ग के नए SP के रूप में उनकी नियुक्ति कब से प्रभावी होगी और वह जिले का कार्यभार कब संभालेंगे, यह भी आगे स्पष्ट होगा।
सरकार के आदेश में तबादले की वजह स्पष्ट नहीं
कुशल चौकसी के तबादले को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उपलब्ध आदेश में इसके पीछे का विस्तृत कारण सामने नहीं आया है। इसलिए सोशल मीडिया या राजनीतिक चर्चाओं के आधार पर किसी तरह की वजह तय करना उचित नहीं होगा। आधिकारिक दस्तावेज में दर्ज जानकारी और सरकार की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण को ही इस मामले में आधार माना जा सकता है।
KPSC कथित अनियमितताओं की जांच पहले से ही महत्वपूर्ण कानूनी और प्रशासनिक विषय बनी हुई है। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद SIT के गठन से जांच को संस्थागत रूप दिया गया है। ऐसे में टीम में शामिल किसी अधिकारी का तबादला होने पर जांच की निरंतरता और टीम की नई संरचना पर नजर रहेगी।
चित्रदुर्ग SP के रूप में चौकसी के सामने अब जिले की कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी होगी। दूसरी ओर KPSC मामले की जांच के लिए गठित SIT भी अपने स्तर पर आगे की कार्रवाई करेगी। आने वाले दिनों में सरकार और पुलिस विभाग की ओर से यदि SIT में नए अधिकारियों की नियुक्ति या अन्य बदलाव का आदेश जारी किया जाता है, तो उससे स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि कर्नाटक सरकार ने IPS अधिकारी कुशल चौकसी का तबादला कर उन्हें चित्रदुर्ग का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है। उनका नाम 21 सितंबर को KPSC में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए DGP आलोक कुमार की अध्यक्षता में गठित SIT में शामिल अधिकारियों में था। अचानक हुए इस तबादले ने चर्चा जरूर बढ़ाई है, लेकिन तबादले और KPSC जांच के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।