केरल तट पर 17 मछुआरों को मिली नई जिंदगी

Update: 2026-08-01 14:05 GMT

केरल: कोझिकोड तट पर समुद्र में फंसे 17 मछुआरों को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया। मछली पकड़ने गई नाव का इंजन अचानक खराब हो जाने के कारण सभी मछुआरे समुद्र के बीच फंस गए थे। काफी मशक्कत के बाद बचाव दल ने सभी लोगों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। इस घटना के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।

जानकारी के अनुसार, सभी मछुआरे कोझिकोड के बेपोर बंदरगाह से मछली पकड़ने के लिए समुद्र में गए थे। रोज की तरह वे नाव से समुद्र में पहुंचे थे, लेकिन अचानक उनकी नाव का इंजन खराब हो गया। इंजन बंद होने के कारण नाव आगे नहीं बढ़ सकी और समुद्र में बहते हुए कदलुंडी के कप्पलांगड़ी इलाके के पश्चिमी हिस्से में फंस गई।

समुद्र के बीच नाव के खराब होने के बाद मछुआरों ने मदद के लिए सूचना दी। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों को मामले की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर समुद्र में फंसे मछुआरों तक पहुंचने का प्रयास किया और आखिरकार सभी 17 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बचाव के बाद सभी मछुआरों को किनारे पर लाया गया। अधिकारियों के अनुसार, नाव पर सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। हालांकि कुछ मछुआरों को मामूली चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि किसी भी मछुआरे की हालत गंभीर नहीं है।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्यों की निगरानी की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय पर सूचना मिलने और स्थानीय लोगों के सहयोग के कारण बड़ा हादसा टल गया। समुद्र में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में स्थानीय मछुआरों और बचाव दल की अहम भूमिका रही।

समुद्र में मछली पकड़ने जाने वाले मछुआरों के लिए नाव के इंजन और अन्य उपकरणों की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण होती है। अचानक तकनीकी खराबी आने पर कई बार बड़ी मुश्किलें पैदा हो जाती हैं। ऐसे मामलों में समय पर मदद मिलना जिंदगी बचाने वाला साबित होता है।

स्थानीय लोगों ने भी पुलिस और बचाव टीम के प्रयासों की सराहना की। उनका कहना है कि समुद्र में काम करने वाले मछुआरों की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से नावों की जांच और आपातकालीन व्यवस्था मजबूत रखना जरूरी है।

बता दें कि केरल के तटीय इलाकों में बड़ी संख्या में लोग मछली पकड़ने के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। रोजाना कई नावें समुद्र में जाती हैं। खराब मौसम या तकनीकी समस्या के कारण कई बार मछुआरों को खतरे का सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय समुदाय का सहयोग काफी अहम भूमिका निभाता है।

कोझिकोड की इस घटना में राहत की बात यह रही कि सभी 17 मछुआरों को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। फिलहाल मछुआरों का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

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