कोच्चि: चेरानल्लूर में हुए उस हादसे के मामले में 17 साल के लड़के का बयान सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उसने पुलिस को बताया कि गाड़ी चलाने के शौक के कारण, वह अपने माता-पिता को बताए बिना कार लेकर निकल गया था। उसने पुलिस को यह भी बताया कि हादसे के समय इलाके में भारी बारिश हो रही थी, जिस वजह से सड़क पर मौजूद स्कूटर साफ तौर पर दिखाई नहीं दिया।
उसकी कार की टक्कर 56 वर्षीय जयाबालकृष्णन (मंजली निवासी) के स्कूटर से हो गई, जिससे उनकी मौत हो गई। लड़का अलुवा स्थित अपने फ्लैट से माता-पिता को बताए बिना कार लेकर निकला था। यह हादसा रविवार तड़के 3 बजे हुआ। मृतक की चित्तूर के पास खाने-पीने की एक दुकान थी। तेज रफ्तार बेंज कार ने जयाबालकृष्णन के स्कूटर को तब टक्कर मारी, जब वे अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटर पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और जयाबालकृष्णन सड़क पर जा गिरे।
कार चलाने वाला 17 साल का लड़का इरिनजालकुडा कोर्ट के जज, रिनो फ्रांसिस का बेटा है। खबरों के मुताबिक, कार जज के नाम पर रजिस्टर्ड है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 281 (सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही से गाड़ी चलाना) और धारा 106(1) (लापरवाही से मौत का कारण बनना) शामिल हैं।
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