तिरुवनंतपुरम: विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने पूर्व राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर पर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह आरोप केरल लोक सेवा आयोग (PSC) के अध्यक्ष और सदस्यों को हटाने की सिफारिश करने के संदर्भ में लगाया है। उन्होंने राष्ट्रपति को भेजी गई इस सिफारिश को गैर-कानूनी, असंवैधानिक और संवैधानिक प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन बताया है।
फेसबुक पर एक पोस्ट में, पिनाराई ने कहा कि राष्ट्रपति इस मामले पर तभी कोई फैसला ले सकते हैं, जब सुप्रीम कोर्ट किसी PSC सदस्य के कदाचार की जांच और सुनवाई करे और उन्हें हटाने की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट सौंपे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल केवल मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही काम कर सकते हैं और उनके पास ऐसा फैसला लेने का कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं है। संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि केरल में पहले कभी ऐसी घटना नहीं हुई है।
उन्होंने राज्य सरकार से यह भी मांग की कि वह पूर्व राज्यपाल की इस कथित गैर-कानूनी कार्रवाई पर अपना रुख स्पष्ट करे। पिनाराई ने कहा कि केरल PSC सरकारी भर्तियों और नियुक्तियों का काम बहुत कुशलता से कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में आयोग ने लाखों उम्मीदवारों को नौकरियां दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाकर, पूरी संस्था के प्रति जनता के भरोसे को खत्म करने की एक सोची-समझी साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, "PSC की विश्वसनीयता को कमजोर करने की इस सुनियोजित कोशिश का मिलकर विरोध किया जाना चाहिए।"