PSC सदस्यों की योग्यता बढ़ाने की पहल: डिग्री अनिवार्य करने का प्रस्ताव पेश
तिरुवनंतपुरम: PSC सदस्यों की नियुक्ति से जुड़े नियमों में संशोधन के लिए सरकार को एक सिफारिश भेजी गई है। फिलहाल, PSC सदस्यों के लिए कोई शैक्षणिक योग्यता तय नहीं है। इस संदर्भ में, लोक प्रशासन सचिव द्वारा सौंपी गई एक रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि इसमें बदलाव किया जाना चाहिए और डिग्री को न्यूनतम योग्यता बनाया जाना चाहिए। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर मुख्यमंत्री को सौंपी गई थी।
सिफारिश में कहा गया है कि PSC सदस्यों की नियुक्ति के लिए एक विशेष साक्षात्कार बोर्ड (इंटरव्यू बोर्ड) का गठन किया जाना चाहिए, और आवेदकों की योग्यता तथा कार्य अनुभव की बारीकी से जांच होनी चाहिए। इसके अलावा, सिफारिश में यह भी कहा गया है कि PSC में सदस्यों की संख्या सीमित होनी चाहिए, और लोक सेवकों या राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सदस्य के रूप में नियुक्त करने के लिए स्पष्ट मानदंड तय किए जाने चाहिए। इस बीच, राजेंद्र अर्लेकर ने राष्ट्रपति को PSC अध्यक्ष को हटाने की सिफारिश भेजी है। उन्होंने केरल के राज्यपाल के पद से हटने से एक सप्ताह पहले यह सिफारिश भेजी, जो राज्य के इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना है। उन्होंने अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों को हटाने की सिफारिश की है।