मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर 3 दिन जश्न, भोपाल में होगा भव्य राज्योत्सव
भोपाल। मध्य प्रदेश अपने 71वें स्थापना दिवस को इस वर्ष भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाने की तैयारी कर रहा है। राज्य सरकार ने 1 से 3 नवंबर 2026 तक राजधानी भोपाल में तीन दिवसीय राज्योत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस आयोजन में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, जनजातीय कला, कृषि उपलब्धियों और विकास यात्रा की झलक देखने को मिलेगी। मुख्य समारोह भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 नवंबर की शाम 6:30 बजे करेंगे। राज्योत्सव के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कृषि प्रदर्शनी, कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां, विद्यार्थियों और किसानों का सम्मान तथा आतिशबाजी सहित अनेक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। इस लिहाज से राज्य 1 नवंबर 2026 को अपने गठन के 70 वर्ष पूरे करेगा और 71वां स्थापना दिवस मनाएगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को केवल औपचारिक समारोह तक सीमित रखने के बजाय व्यापक जनभागीदारी वाले सांस्कृतिक उत्सव के रूप में आयोजित कर रही है। मुख्य आयोजन के साथ प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों में भी स्थापना दिवस समारोह होंगे।इस वर्ष राज्योत्सव की प्रमुख थीम 'विरासत से विकास' रखी गई है। इसके माध्यम से राज्य की ऐतिहासिक पहचान, लोक संस्कृति, कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों और आधुनिक विकास को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने के कारण समारोह में किसानों और कृषि आधारित गतिविधियों को भी विशेष महत्व दिया जाएगा।
30 और 31 अक्टूबर को निकलेंगी सांस्कृतिक गौरव यात्राएं
राज्योत्सव के मुख्य कार्यक्रम से पहले भोपाल में 30 और 31 अक्टूबर को सांस्कृतिक गौरव यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। इन यात्राओं में मध्य प्रदेश के साथ अन्य राज्यों के 400 से अधिक लोक एवं जनजातीय कलाकार शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे से शहर के प्रमुख मार्गों पर निकलने वाली यात्राओं में पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।इन यात्राओं का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता से आम नागरिकों को परिचित कराना और स्थापना दिवस समारोह में जनभागीदारी बढ़ाना है। कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न अंचलों की परंपराओं को दर्शाएंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे राज्योत्सव का उद्घाटन
तीन दिवसीय समारोह की शुरुआत 1 नवंबर को लाल परेड ग्राउंड में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11 बजे विभिन्न प्रदर्शनियों का उद्घाटन करेंगे, जबकि शाम 6:30 बजे मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।समारोह की शुरुआत 'देशराग' कार्यक्रम से होगी, जिसमें 71 बच्चे सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन करेंगे। इसके साथ पुलिस बैंड की विशेष प्रस्तुति भी होगी। राज्योत्सव में देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया जाएगा।पहले दिन बॉलीवुड पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी। वहीं, प्रसिद्ध लोकगायक मामे खान भी आयोजन में अपनी गायकी का रंग बिखेरेंगे। सांस्कृतिक संध्याओं में लोकसंगीत और आधुनिक संगीत का संगम देखने को मिलेगा।
102 मेधावी विद्यार्थियों और 165 किसानों का होगा सम्मान
इस बार राज्योत्सव में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 102 मेधावी विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति के अंतर्गत एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि और प्रशस्ति पत्र दिए जाने की योजना है।इसके अतिरिक्त किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के 165 विजेता किसानों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। पुरस्कारों में 55 ट्रैक्टर, 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवाचार और जागरूकता को बढ़ावा देना है।
आधुनिक खेती और कृषि तकनीक का होगा प्रदर्शन
राज्योत्सव में कृषि प्रदर्शनी को विशेष स्थान दिया गया है। इसमें किसानों को उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्र, स्मार्ट सिंचाई तकनीक और कृषि स्टार्टअप से संबंधित जानकारी मिलेगी। प्रदर्शनी में कृषि विशेषज्ञ खेती की उत्पादकता बढ़ाने और नई तकनीकों के इस्तेमाल से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे।इसके अलावा महिला उद्यमिता मंडप, किसान बाजार और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी। यहां स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पाद, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी। 2 और 3 नवंबर को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक आम लोग विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन कर सकेंगे।
लोकनृत्य और पारंपरिक व्यंजन बनेंगे आकर्षण
राज्योत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को प्रदेश की लोक और जनजातीय संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां होंगी। इनमें करमा, सैला, भगोरिया, बधाई और मटकी जैसे पारंपरिक नृत्यों की झलक देखने को मिलेगी। अन्य राज्यों के कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों के जरिए सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेंगे।समारोह में देशज व्यंजन मेला भी लगाया जाएगा। इसमें मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, बघेलखंड और महाकोशल के पारंपरिक पकवान उपलब्ध होंगे। तीन दिवसीय राज्योत्सव का समापन 3 नवंबर को लोकगायक मामे खान की विशेष प्रस्तुति के साथ होगा।
जिलों में भी मनाया जाएगा स्थापना दिवस
मध्य प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में स्थापना दिवस समारोह आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने कलेक्टरों और संभागायुक्तों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने को कहा है।जिला स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनियां और सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 1 नवंबर की रात प्रमुख सरकारी भवनों पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, समाजसेवियों, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों, उद्यमियों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।मध्य प्रदेश का यह तीन दिवसीय राज्योत्सव प्रदेश की 70 वर्षों की विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का अवसर होगा। सरकार का प्रयास है कि समारोह के माध्यम से युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से परिचित हो और किसानों, कलाकारों तथा स्थानीय उद्यमियों को एक बड़ा मंच मिले। राजधानी भोपाल में 1 से 3 नवंबर तक होने वाले कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।