मध्य प्रदेश: सीधी जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मां पर अपनी ही पांच दिन की नवजात बेटी की हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, दूसरी बार बेटी के जन्म से परेशान महिला ने कथित रूप से बच्ची को पानी से भरे प्लास्टिक ड्रम में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपित महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
यह हृदयविदारक घटना सीधी जिले के चुरहट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भलकी की है। पुलिस के मुताबिक, नवजात बच्ची का शव घर में रखे एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम से बरामद हुआ। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस को परिवार के सदस्यों से पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग मिले, जिसके बाद नवजात की मां को आरोपी बनाया गया।
पुलिस के अनुसार, बच्ची के पिता पंकज पटेल ने ही अपनी पत्नी सोनू पटेल के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पत्नी ने पांच दिन की मासूम बेटी को पानी से भरे ड्रम में डाल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पंकज ने बताया कि घटना के समय वह खेत में धान की रोपाई करने गया था। जाने से पहले उसने पत्नी से बच्ची को दूध पिलाने के लिए कहा था।
कुछ समय बाद पंकज की बहन ने फोन कर बताया कि बच्ची घर से गायब है। इसके बाद परिवार के लोगों ने तुरंत बच्ची की तलाश शुरू कर दी। काफी खोजबीन के बाद जब घर में रखे नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम का ढक्कन खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। ड्रम के अंदर पानी में नवजात का शव पड़ा हुआ था। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच के दौरान सामने आया कि महिला की पहले से एक बेटी थी और दूसरी संतान के रूप में भी बेटी के जन्म को लेकर वह कथित तौर पर परेशान थी। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यही बात सामने आई है कि महिला बच्ची के पालन-पोषण को लेकर मानसिक दबाव में थी और इसी कारण उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपित महिला को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में बेटियों को लेकर फैली मानसिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और सामाजिक संस्थाओं की ओर से लगातार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि अभी भी कुछ क्षेत्रों में बेटियों के जन्म को लेकर सोच बदलने की जरूरत है।
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर दुख और नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि पांच दिन की मासूम बच्ची ने अभी दुनिया को ठीक से देखा भी नहीं था और उसके साथ ऐसा दर्दनाक व्यवहार किया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के मानसिक तनाव या पारिवारिक परेशानी की स्थिति में हिंसक कदम उठाने के बजाय सहायता और परामर्श लेना चाहिए।
सीधी की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और लोगों में नवजात बच्ची की मौत को लेकर गहरा आक्रोश है। पुलिस अब मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।