महाकाल की नगरी में बनेगा 15 करोड़ का स्नेक पार्क, उज्जैन बनेगा ‘सर्प मित्र नगरी’
21 प्रजातियों के सांपों वाला हाईटेक स्नेक पार्क
Ujjain उज्जैन: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन जल्द ही ‘सर्प मित्र नगरी’ के रूप में नई पहचान हासिल करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शहर के बसंत विहार क्षेत्र में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्नेक पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य सांपों के संरक्षण के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है। पार्क को फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्नेक पार्क के निदेशक डॉ. मुकेश इंगले के अनुसार, पार्क में 21 प्रजातियों के सांपों और अन्य रेप्टाइल्स को रखा जाएगा। यहां आने वाले पर्यटकों और विद्यार्थियों को विभिन्न प्रजातियों के सांपों की पहचान, उनके व्यवहार और जहरीले एवं गैर-जहरीले सांपों के बीच अंतर की जानकारी दी जाएगी। इससे सांपों को लेकर लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यहां रेस्क्यू सेंटर, क्वारंटीन सेंटर और आधुनिक वेटनरी सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। घायल, बीमार या रेस्क्यू किए गए सांपों का उपचार और पुनर्वास इसी परिसर में किया जाएगा, जिससे वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महाकाल की नगरी से पूरे देश को यह संदेश जाना चाहिए कि न लोग सांपों को नुकसान पहुंचाएं और न ही सांप इंसानों के लिए खतरा बनें। उन्होंने पुलिस और होमगार्ड के जवानों को सांपों की पहचान और सुरक्षित रेस्क्यू का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए हैं। अब तक चार जिलों में 200 से अधिक पुलिसकर्मियों, होमगार्ड, स्वास्थ्यकर्मियों और स्नेक रेस्क्यूर्स को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। स्नेक पार्क बनने के बाद उज्जैन धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।