भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी का पर्व श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शस्त्रों की पूजा-अर्चना की और प्रदेश तथा देश की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। समारोह में भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, पुलिस आयुक्त संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। विजयादशमी पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से शक्ति, साहस, अनुशासन और धर्म की रक्षा का संदेश दिया गया। मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी पुलिस विभाग की ओर से पारंपरिक शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
नेहरू नगर पुलिस लाइन में हुआ भव्य आयोजन
भोपाल के नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन मैदान में विजयादशमी के अवसर पर विशेष शस्त्र पूजन समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शस्त्रों का पूजन किया गया। आयोजन में भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का विशेष महत्व देखने को मिला।
पुलिस विभाग की ओर से हर वर्ष विजयादशमी पर शस्त्र पूजन किया जाता है। इस परंपरा का उद्देश्य शस्त्रों के जिम्मेदार उपयोग, सुरक्षा और कर्तव्य के महत्व को रेखांकित करना है।
सांसद, विधायक और महापौर रहे मौजूद
शस्त्र पूजन कार्यक्रम में भोपाल के सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी और महापौर मालती राय ने भाग लिया।
इसके अलावा भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने विजयादशमी के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में सहभागिता की।
इस दौरान पुलिसकर्मियों ने भी पारंपरिक आयोजन में हिस्सा लिया।
मंत्री विश्वास सारंग ने दी विजयादशमी की शुभकामनाएं
कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व समाज को सत्य, साहस और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
मंत्री सारंग ने शस्त्र पूजन की परंपरा को शक्ति, पराक्रम और धर्म की रक्षा के संकल्प से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शस्त्रों का महत्व केवल युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और समाज की रक्षा करने के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है।
इस अवसर पर उन्होंने देश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
रामराज्य की स्थापना का लिया संकल्प
विश्वास सारंग ने कार्यक्रम के दौरान रामराज्य की अवधारणा का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी हमें ऐसे समाज के निर्माण की प्रेरणा देती है, जहां न्याय, सत्य और धर्म का सम्मान हो।
रामराज्य की अवधारणा को आदर्श शासन, न्यायपूर्ण व्यवस्था और जनकल्याण से जोड़कर देखा जाता है।
मंत्री ने कहा कि इस पर्व का संदेश केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक मूल्यों को अपनाने से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने शक्ति की आराधना करते हुए देश की समृद्धि और नागरिकों के कल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर हुए कार्यक्रम
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर राज्यभर में पारंपरिक शस्त्र पूजन समारोह आयोजित करने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रभारी मंत्रियों को अपने संबंधित जिलों में पुलिस विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए कहा था।
इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग भोपाल के नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन पहुंचे।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंत्रियों और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में शस्त्र पूजन कार्यक्रम संपन्न हुए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शस्त्र पूजन को भारतीय सेना के पराक्रम, राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वतंत्रता के प्रति सम्मान से जुड़ी परंपरा बताया है।
पुलिस विभाग में वर्षों पुरानी है शस्त्र पूजन की परंपरा
विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा भारतीय संस्कृति में लंबे समय से चली आ रही है।
पुलिस विभाग में भी प्रतिवर्ष दशहरे के अवसर पर हथियारों की पूजा की जाती है।
इस दौरान पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं।
शस्त्र पूजन का धार्मिक संदेश यह है कि शक्ति का उपयोग अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध होना चाहिए।
पुलिस जैसे सुरक्षा संगठनों के लिए यह परंपरा कानून के पालन, अनुशासन और जनता की रक्षा के दायित्व की याद दिलाती है।
बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व
विजयादशमी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में शामिल है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण पर विजय प्राप्त की थी।
इसके अलावा मां दुर्गा द्वारा महिषासुर का वध किए जाने की परंपरा भी देवी उपासना और विजय के धार्मिक संदेश से जुड़ी है।
दशहरा समाज को यह शिक्षा देता है कि अन्याय, अहंकार और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः सत्य और धर्म की विजय होती है।
इसी कारण इस दिन कई स्थानों पर शस्त्र पूजन, वाहन पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
पूरे मध्य प्रदेश में आयोजित हुए शस्त्र पूजन समारोह
विजयादशमी के अवसर पर केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पुलिस लाइन और पुलिस विभाग के अन्य परिसरों में परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना की गई।
इन आयोजनों में अधिकारियों और जवानों ने हिस्सा लिया।
प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में मंत्रियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया था।
इसके माध्यम से पुलिस विभाग की परंपरा को राज्य स्तर पर व्यापक रूप से मनाया गया।
पुलिस की जिम्मेदारियों को भी किया गया रेखांकित
शस्त्र पूजन का आयोजन पुलिसकर्मियों के कर्तव्य और जिम्मेदारियों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, नागरिकों की सुरक्षा करना और अपराधों की रोकथाम पुलिस विभाग के प्रमुख दायित्व हैं।
ऐसे में शस्त्रों का जिम्मेदार उपयोग और कानून के प्रति जवाबदेही बेहद आवश्यक है।
विजयादशमी पर होने वाले आयोजन पुलिसकर्मियों को अनुशासन, संयम और सेवा के मूल्यों की याद दिलाते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में शस्त्रों के उपयोग को हमेशा कानूनी प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार होना चाहिए।
भोपाल पुलिस में उत्साह का माहौल
नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन में आयोजित समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों और अधिकारियों में उत्साह दिखाई दिया।
धार्मिक विधियों के साथ संपन्न कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी रही।
पुलिस आयुक्त संजय कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में शस्त्र पूजन की परंपरा निभाई गई।
कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस विभाग के अनुशासन और सेवा भावना के साथ सांस्कृतिक परंपराओं को भी महत्व दिया गया। भोपाल पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 20 अक्टूबर के शस्त्र पूजन कार्यक्रम की जानकारी प्रकाशित की गई है।
सुख-शांति और समृद्धि की कामना
कार्यक्रम के समापन पर प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की गई।
मंत्री विश्वास सारंग ने विजयादशमी के धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा का संदेश दिया।
इस अवसर पर उन्होंने न्यायपूर्ण समाज और रामराज्य की अवधारणा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
भोपाल पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन समारोह ने धार्मिक आस्था, भारतीय परंपरा और पुलिस विभाग के कर्तव्यबोध को एक साथ प्रस्तुत किया।