CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, पेपर लीक पर त्वरित कार्रवाई

Update: 2026-07-25 15:19 GMT

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े मामलों पर सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश में ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। ये विशेष अदालतें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में बनाई जाएंगी, जहां पेपर लीक और परीक्षा संबंधी मामलों की सुनवाई तेजी से होगी और तीन महीने के भीतर उनका समाधान करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 जुलाई को मध्य प्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में मीडिया से बातचीत के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े सभी मुद्दों को लेकर गंभीर और संवेदनशील है। युवाओं से जुड़े मामलों में न्याय प्रक्रिया को तेज करने की आवश्यकता है, ताकि छात्रों को समय पर न्याय मिल सके।

सीएम यादव ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की थी। जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया गया, आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए और कई गिरफ्तारियां भी हुईं। उन्होंने कहा कि सरकार की पूरी संवेदना उन विद्यार्थियों के साथ है, जिनका भविष्य ऐसी घटनाओं से प्रभावित होता है।

डॉ. यादव ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में परीक्षाओं को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार किए जाएंगे, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को कम किया जा सके।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाले शुरुआती राज्यों में शामिल रहा है। राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार सुधार के लिए काम कर रही है। युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई है। पहले जहां देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या सीमित थी, वहीं अब इसमें काफी विस्तार हुआ है। मेडिकल शिक्षा की सीटों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिससे अधिक विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

सीएम यादव ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में कई नए कदम उठाए गए हैं। पिछले ढाई साल के कार्यकाल में तीन नए शासकीय विश्वविद्यालय शुरू किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना को लेकर सरकार का मानना है कि इससे पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े मामलों में लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी। अक्सर ऐसे मामलों में जांच और सुनवाई में लंबा समय लगने के कारण छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था से मामलों का जल्द निपटारा होने की उम्मीद है।

सरकार की इस पहल को छात्रों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। परीक्षा में पारदर्शिता, दोषियों पर जल्द कार्रवाई और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार आगे भी लगातार संवेदनशीलता के साथ काम करती रहेगी।

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