MP में फसल बीमा अभियान तेज, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया

Update: 2026-07-11 15:07 GMT

Bhopal भोपाल : मध्य प्रदेश के किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। खरीफ-2026 सीजन के लिए अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने सभी ऋणी और अऋणी किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी फसलों का बीमा करा लें, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, खरीफ मौसम में बारिश, बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को अक्सर भारी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का काम करती है। योजना के तहत फसल खराब होने पर किसानों को नियमों के अनुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाता है।

31 जुलाई तक करा सकेंगे फसल बीमा

किसान 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा करा सकते हैं। जिन किसानों ने बैंक से फसल ऋण लिया है, वे संबंधित बैंक शाखा में जाकर बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, अऋणी किसान जन सेवा केंद्र, सहकारी समितियों, किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े बैंक और ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं।

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी भी तकनीकी परेशानी या दस्तावेज संबंधी समस्या से बचा जा सके।

फसल बीमा के लिए जरूरी दस्तावेज

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन करने के लिए किसानों को कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें आधार कार्ड, घोषणा पत्र, बैंक खाते की जानकारी, ऋण पुस्तिका, बुवाई प्रमाण पत्र और सिकमी भूमि होने की स्थिति में शपथ पत्र शामिल हैं।

विभाग ने किसानों से कहा है कि आवेदन करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, जिससे बीमा प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके।

इन फसलों पर देना होगा प्रीमियम

खरीफ-2026 सीजन में धान, मक्का, तुअर और तिल जैसी अधिसूचित फसलों को योजना में शामिल किया गया है। किसानों को फसल बीमा के लिए बीमित राशि का लगभग 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा।

निर्धारित प्रीमियम के अनुसार धान सिंचित फसल के लिए 896 रुपये, धान असिंचित के लिए 630 रुपये, मक्का के लिए 620 रुपये, तुअर के लिए 700 रुपये और तिल की फसल के लिए 420 रुपये प्रीमियम राशि तय की गई है।

प्राकृतिक आपदा में मिलेगी आर्थिक मदद

कृषि विभाग का कहना है कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। मौसम की अनिश्चितता के कारण फसल नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक संकट से बचाने में यह योजना मददगार साबित होती है।

विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी फसलों का बीमा जरूर कराएं और योजना का लाभ उठाएं। 31 जुलाई के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए किसान अंतिम तिथि से पहले बीमा प्रक्रिया पूरी कर लें।

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