बैंककर्मी से सीखी चोरी की तकनीक, ATM कांड का आरोपी गिरफ्तार

Update: 2026-07-11 10:30 GMT

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एटीएम से छेड़छाड़ कर पैसे चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शाहपुरा थाना पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड अभिषेक कुमार सिंह को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लेकर आई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अभिषेक कुमार सिंह बिहार के मुजफ्फरपुर के भगवानपुर इलाके का रहने वाला है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह एटीएम में तकनीकी छेड़छाड़ कर पैसे निकालने वाले गिरोह का मुख्य संचालक था। वह गिरोह के अन्य सदस्यों को एटीएम के लॉक सिस्टम से छेड़छाड़ करने की तकनीक सिखाता था।

इस मामले की जांच में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्यों ने एटीएम के सुरक्षा सिस्टम को तोड़ने और पैसे निकालने की तकनीक बिहार के एक निजी बैंक कर्मचारी से सीखी थी। बैंक कर्मचारी ने उन्हें एटीएम के लॉक सिस्टम की कमजोरियों के बारे में जानकारी दी थी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अभिषेक गिरोह के सदस्यों को एटीएम खोलने और लॉक सिस्टम को निष्क्रिय करने की ट्रेनिंग देता था। इसके लिए वह एक विशेष प्रकार की मास्टर-की का इस्तेमाल करता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह मास्टर-की किसने तैयार की थी और इसे बनाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।

शाहपुरा थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उससे गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी एटीएम से जुड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है।

अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह की कार्यप्रणाली काफी शातिर थी। आरोपी एटीएम मशीन में तकनीकी छेड़छाड़ कर कैश निकाल लेते थे, जिससे कई बार बैंक और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी देर से मिलती थी। गिरोह के सदस्य वारदात के बाद अलग-अलग स्थानों पर चले जाते थे, जिससे पुलिस के लिए उन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण था।

भोपाल पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और उन्होंने अब तक कितने एटीएम को निशाना बनाया है। इसके अलावा बैंक कर्मचारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।

ATM से जुड़ी धोखाधड़ी और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए बैंक और पुलिस लगातार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर काम कर रहे हैं। इस मामले में मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। अब आगे की जांच में गिरोह के पूरे नेटवर्क और उनकी वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है।

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