इंदौर : वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ वन विभाग ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजासन बीट के कम्पार्टमेंट नंबर 277 में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। अभियान के दौरान वन भूमि के अतिक्रमित हिस्से को खाली कराया गया और भूमि को दोबारा वन विभाग के नियंत्रण में ले लिया गया। कार्रवाई के दौरान वन विभाग के अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम भी मौके पर मौजूद रही।
अधिकारियों के अनुसार, वन क्षेत्र में अतिक्रमण किए जाने की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद संबंधित विभागों के समन्वय से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। रविवार को निर्धारित अभियान के तहत टीम बिजासन बीट के कम्पार्टमेंट नंबर 277 में पहुंची और मौके पर स्थिति का जायजा लेने के बाद वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया।
बताया गया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य वन भूमि पर किए गए अनधिकृत कब्जे को हटाकर सरकारी भूमि की स्थिति को बहाल करना था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण वाले हिस्से को खाली कराया गया तथा भूमि का कब्जा वन विभाग को वापस सौंप दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद वन भूमि को अपने नियंत्रण में ले लिया।
संयुक्त टीम ने संभाली कार्रवाई की जिम्मेदारी
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी। तीनों विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में अभियान चलाया गया। पुलिस बल की तैनाती सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई थी, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण वाले क्षेत्र को खाली कराया। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की बड़ी बाधा सामने नहीं आई और अभियान शांतिपूर्वक पूरा हो गया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अचानक नहीं की गई, बल्कि इसके पहले संबंधित मामले में आवश्यक जानकारी जुटाई गई और निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया। अतिक्रमण की पुष्टि और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संयुक्त टीम ने मौके पर कार्रवाई की।
वन भूमि पर अतिक्रमण को गंभीर विषय माना जाता है, क्योंकि इससे वन क्षेत्र की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वन भूमि का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किया जा सकता है। ऐसे में अनधिकृत कब्जे को हटाना विभाग की जिम्मेदारी के अंतर्गत आता है।
वन भूमि की सुरक्षा पर विभाग का जोर
कार्रवाई के बाद वन विभाग ने स्पष्ट किया कि सरकारी और वन भूमि पर किसी भी तरह के अनधिकृत कब्जे को स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग ने संकेत दिया है कि वन क्षेत्रों में अतिक्रमण की शिकायतों और मामलों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए विभाग स्तर पर निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
बिजासन बीट के कम्पार्टमेंट नंबर 277 में हुई यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। विभाग का उद्देश्य वन भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सरकारी संपत्ति पर होने वाले अनधिकृत कब्जों को रोकना है।
कार्रवाई से वन भूमि पर निगरानी का संदेश
अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के बाद वन विभाग ने वन क्षेत्रों में अनधिकृत गतिविधियों के खिलाफ सख्ती का संदेश दिया है। विभाग का कहना है कि वन भूमि पर कब्जा करने या उसका अनधिकृत उपयोग करने की किसी भी कोशिश को नियमों के अनुसार रोका जाएगा। इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर राजस्व और पुलिस विभाग के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई भी की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना केवल कब्जा हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके बाद भूमि की स्थिति पर निगरानी रखना भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से अतिक्रमण हटाए गए क्षेत्र को वापस वन विभाग के नियंत्रण में लिया गया है।
रविवार को बिजासन बीट के कम्पार्टमेंट नंबर 277 में हुई कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए अतिक्रमित भूमि को खाली कराया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभियान बिना किसी बाधा के पूरा हुआ। वन विभाग ने एक बार फिर दोहराया कि वन और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा भविष्य में भी अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।