ED की बड़ी कार्रवाई: FEMA उल्लंघन मामले में जबलपुर की 3.67 करोड़ की संपत्ति जब्त
भोपाल : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन से जुड़े एक मामले में मध्य प्रदेश के जबलपुर में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने 3.67 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई अमेरिका में निवेश के लिए भेजी गई विदेशी मुद्रा के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में की गई है।
ED के अनुसार, यह कार्रवाई आयकर विभाग से मिली महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर शुरू की गई जांच के बाद की गई। जांच में सामने आया कि प्रियंक मेहता ने अमेरिका में EB-5 वीजा कार्यक्रम के तहत निवेश करने के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के अंतर्गत बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा विदेश भेजी थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रियंक मेहता ने अमेरिका में निवेश के उद्देश्य से 5,48,000 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा भेजी थी। हालांकि, ED का आरोप है कि भेजी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा निर्धारित उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया।
ED ने बताया कि करीब 5,02,954 अमेरिकी डॉलर की राशि का उपयोग उस उद्देश्य के लिए नहीं किया गया, जिसके लिए उसे विदेश भेजा गया था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि इस रकम को भारत वापस लाने के बजाय अमेरिका से सीधे पुर्तगाल ट्रांसफर कर दिया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल पुर्तगाल में अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। वहीं, बची हुई रकम पुर्तगाल के एक बैंक खाते में रखी गई थी। ED का कहना है कि यह गतिविधियां FEMA के प्रावधानों के उल्लंघन के दायरे में आती हैं।
मामले की जांच के दौरान ED ने विदेशी लेनदेन, बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद एजेंसी ने FEMA के तहत जब्ती की कार्रवाई की। जब्त की गई संपत्ति की कीमत लगभग 3.67 करोड़ रुपये बताई गई है।
ED विदेशी मुद्रा से जुड़े मामलों में FEMA के तहत कार्रवाई करती है। इस कानून का उद्देश्य देश से बाहर जाने वाली और विदेश से आने वाली विदेशी मुद्रा से जुड़े लेनदेन को नियंत्रित करना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत भारतीय नागरिकों को एक निश्चित सीमा तक विदेश में धन भेजने की अनुमति होती है। हालांकि, इस राशि का इस्तेमाल निर्धारित नियमों और घोषित उद्देश्य के अनुसार करना जरूरी होता है। किसी अन्य उद्देश्य के लिए धन का उपयोग या नियमों का उल्लंघन FEMA के तहत जांच का कारण बन सकता है।
EB-5 वीजा कार्यक्रम अमेरिका में निवेश आधारित आव्रजन योजना है, जिसके तहत योग्य विदेशी निवेशकों को निर्धारित शर्तों के आधार पर अमेरिका में स्थायी निवास का अवसर मिल सकता है। इस योजना में निवेश करने वाले लोगों को तय नियमों का पालन करना होता है।
ED ने अपनी जांच में आरोप लगाया है कि विदेश भेजी गई रकम के इस्तेमाल में अनियमितता हुई और राशि को घोषित उद्देश्य के बजाय दूसरे देश में संपत्ति खरीदने के लिए उपयोग किया गया। एजेंसी अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे लेनदेन में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या अन्य नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसके अलावा विदेशी खातों और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल ED की ओर से जब्त की गई संपत्ति पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। एजेंसी का कहना है कि विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर विदेशी निवेश और विदेशों में धन हस्तांतरण से जुड़े नियमों के पालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।