UCC का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार और न्याय देना: मुख्यमंत्री

Update: 2026-07-24 04:52 GMT

इंदौर : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य देश और समाज के सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान न्याय उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने इसे संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

इंदौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अवसर उपलब्ध कराना और कानून के सामने समानता सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड किसी एक वर्ग या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि संविधान में समानता और न्याय के जो सिद्धांत बताए गए हैं, UCC उसी दिशा में आगे बढ़ने का एक माध्यम है।

डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में UCC से संबंधित कानून तैयार करने से पहले व्यापक स्तर पर लोगों से सुझाव और राय ली गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाकर उनकी बातों को समझने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्यभर में करीब 3.5 करोड़ से अधिक लोगों से संपर्क किया गया और लगभग 10 लाख सुझाव प्राप्त हुए। इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए कानून तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कानून बनाते समय जनता की भावनाओं और सुझावों को महत्व दिया जाए।

उन्होंने कहा कि UCC का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के बीच समानता की भावना को मजबूत करना है। इसके तहत विवाह, तलाक, गुजारा-भत्ता, उत्तराधिकार और विरासत जैसे व्यक्तिगत मामलों को एक समान कानूनी व्यवस्था के दायरे में लाने की बात कही गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में व्यक्तिगत कानून अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं के तहत लागू होते हैं। UCC के माध्यम से सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जो धर्म के आधार पर अलग-अलग न होकर नागरिक अधिकारों पर आधारित होगा।

डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि कानून ऐसा होना चाहिए जो हर नागरिक को समान सम्मान और अधिकार प्रदान करे। सरकार इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बड़े कानून को लागू करने से पहले समाज के सभी वर्गों की भागीदारी और सहमति जरूरी होती है। इसी कारण सरकार ने व्यापक जनसंवाद और सुझाव प्रक्रिया को अपनाया।

UCC को लेकर देशभर में लंबे समय से चर्चा होती रही है। समर्थकों का कहना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित होंगे और कानून व्यवस्था में एकरूपता आएगी। वहीं, कुछ वर्गों की ओर से इसके प्रावधानों को लेकर अलग-अलग चिंताएं भी जताई जाती रही हैं। सरकार का कहना है कि कानून तैयार करते समय सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून का उद्देश्य लोगों को सुविधा, सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि UCC के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान कानूनी अधिकार सुनिश्चित करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार संविधान के दायरे में रहते हुए सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समानता और न्याय आधारित व्यवस्था से समाज में विश्वास और एकता मजबूत होगी।

फिलहाल UCC को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। मुख्यमंत्री के बयान के बाद इस मुद्दे पर बहस और तेज होने की संभावना है। राज्य सरकार का कहना है कि कानून बनाने की प्रक्रिया में जनता की राय को महत्व दिया गया है और इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करना है।

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