MP चावल घोटाला: बड़ी कार्रवाई में दो राइस मिल संचालकों समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

खाद्यान्न घोटाले पर शिकंजा, मध्य प्रदेश में दो राइस मिल संचालक और एक अन्य आरोपी गिरफ्तार

Update: 2026-07-25 03:02 GMT
Bhopal: मध्य प्रदेश में कथित चावल घोटाले की जांच के बीच बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसी ने दो राइस मिल संचालकों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और सरकारी धान-चावल खरीद से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की गई है। मामले में वित्तीय लेनदेन, रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच जारी है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, सरकारी योजनाओं के तहत खरीदे गए धान और चावल के भंडारण, प्रसंस्करण और वितरण में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद संबंधित विभाग और जांच एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की।
जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं सरकारी अनाज का रिकॉर्ड में हेरफेर, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल या नियमों के विपरीत भंडारण और वितरण तो नहीं किया गया।
दो राइस मिल संचालक समेत तीन गिरफ्तार
जांच एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए दो राइस मिल संचालकों और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि—
कथित अनियमितताओं की योजना कैसे बनाई गई?
सरकारी रिकॉर्ड में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई?
क्या इस मामले में अन्य अधिकारी या कारोबारी भी शामिल हैं?
वित्तीय लाभ किसे और कितना पहुंचा?
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाल रही जांच टीम
जांच एजेंसियां कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच कर रही हैं, जिनमें—
धान और चावल की खरीद का रिकॉर्ड।
गोदामों का स्टॉक रजिस्टर।
परिवहन संबंधी दस्तावेज।
बैंक लेनदेन का विवरण।
राइस मिलों के लेखा रिकॉर्ड।
संबंधित विभागों के अभिलेख।
इन दस्तावेजों के आधार पर कथित वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि की जाएगी।
आर्थिक नुकसान का आकलन
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यदि अनियमितताएं हुई हैं तो उससे सरकारी खजाने को कितना नुकसान हुआ। इसके लिए वित्तीय रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जा रहा है।
और बढ़ सकती है कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान यदि नए तथ्य सामने आते हैं, तो अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार का रुख
राज्य सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनियमितता साबित होती है, तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने उठाए सवाल
मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि यदि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार हुआ है तो इसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
Tags:    

Similar News