मंदिर से लौट रही महिला को बनाया शिकार बेटे पर संकट का डर दिखाकर उड़ाए लाखों के जेवर
अशोकनगर : मध्य प्रदेश के अशोकनगर में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें बदमाशों ने धार्मिक आस्था और परिवार को लेकर महिला के डर का फायदा उठाकर करीब सात लाख रुपये के सोने के आभूषण, नकदी, मोबाइल और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। आरोपियों ने महिला को उनके बेटे पर संकट आने की बात कहकर डराया और पूजा-पाठ के नाम पर उन्हें अपने झांसे में ले लिया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि घटना शनिवार सुबह की है। भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रांजल जैन की मां अनंत देवी जैन मंदिर से दर्शन करके अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान घर के पास दो युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों में से एक ने खुद को स्थानीय निवासी बताया, जबकि दूसरे ने हरिद्वार से आने की बात कही। दोनों युवकों ने बातचीत के दौरान महिला के परिवार से जुड़ी कुछ ऐसी बातें कहीं, जिससे उन्हें लगा कि दोनों उनके परिवार के बारे में काफी कुछ जानते हैं। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपियों ने महिला को अपने जाल में फंसा लिया।
आरोपियों ने महिला से कहा कि करीब नौ साल पहले उनके पति का निधन हो चुका है और अब उनके बेटे पर भी बड़ा संकट आने वाला है। बेटे से जुड़ी यह बात सुनकर महिला घबरा गईं। उन्होंने आरोपियों से संकट को टालने का उपाय पूछा। इसके बाद दोनों युवकों ने पूजा-पाठ और धार्मिक उपाय करने की बात कही। बताया गया कि इसी दौरान आरोपियों ने महिला को विश्वास दिलाया कि यदि बताए गए तरीके से पूजा नहीं की गई तो परिवार पर मुसीबत आ सकती है।
इसके बाद आरोपियों ने पूजा के लिए पानी की आवश्यकता बताई। महिला जब पानी लेने लगीं तो आरोपियों ने उन्हें बाजार से पानी दिलाने की बात कही और अपने साथ स्टेशन रोड की ओर ले गए। रास्ते में उन्होंने महिला से कहा कि माता रानी नाराज हैं और संकट को दूर करने के लिए उन्हें अपने शरीर पर पहने सोने के आभूषण उतारने होंगे। महिला पहले से ही बेटे को लेकर डरी हुई थीं। इसी मानसिक दबाव के बीच उन्होंने गले की चेन, हाथ का कड़ा और अंगूठी समेत अपने सोने के आभूषण उतारकर आरोपियों को सौंप दिए।
आभूषण लेने के बाद आरोपियों ने महिला को कुछ दूरी तक एक खास तरीके से जाने के लिए कहा। बताया गया कि पहले उनके एक साथी को 51 कदम दूर भेजा गया और फिर महिला को भी आगे बढ़ने के लिए कहा गया। महिला जब वापस लौटीं तो दोनों युवक मौके से गायब हो चुके थे। कुछ देर बाद उन्हें एहसास हुआ कि आरोपियों ने धार्मिक उपाय के नाम पर उनके साथ ठगी की है।
बदमाश केवल सोने के आभूषण लेकर ही नहीं भागे, बल्कि महिला का पर्स और मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए। पर्स में नकदी और घर की चाबी होने की बात भी सामने आई है। घटना के बाद महिला ने घबराकर आसपास के लोगों को पूरी घटना बताई। इसके बाद उनके बेटे और पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम जांच में जुट गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। महिला के घर के बाहर लगे दोनों कैमरे बंद मिले, जबकि आसपास की कुछ दुकानों के कैमरों के भी रात में बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मुख्य बाजार क्षेत्र में लगे कुछ अन्य कैमरों से पुलिस को महत्वपूर्ण फुटेज मिलने की बात कही जा रही है। इन्हीं फुटेज के आधार पर संदिग्ध आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस और विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटनाओं में ठग लोगों को वास्तव में हिप्नोटाइज करने के बजाय डर, विश्वास और मानसिक दबाव का इस्तेमाल करते हैं। आरोपी पहले पीड़ित के परिवार से जुड़ी कुछ जानकारी देकर भरोसा कायम करते हैं और फिर किसी अनहोनी का डर दिखाकर उसे अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश करते हैं। इस मामले में भी बेटे पर संकट आने की बात महिला को मानसिक रूप से परेशान करने का प्रमुख जरिया बनी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लोगों के कहने पर धार्मिक उपाय, पूजा-पाठ या किसी संकट को दूर करने के नाम पर अपने आभूषण, नकदी या अन्य कीमती सामान किसी को न सौंपें। यदि कोई व्यक्ति परिवार के किसी सदस्य पर संकट आने या भविष्य में अनहोनी की बात कहकर डराता है तो तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने से ठगी की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, पीड़िता के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।