इंस्टाग्राम पर योगी का जलवा, पोस्टिंग में मोहन यादव आगे

Update: 2026-07-26 16:22 GMT

इंदौर। राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। अब नेताओं की लोकप्रियता और जनता से जुड़ाव केवल रैलियों और जनसभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म भी राजनीतिक प्रभाव का बड़ा माध्यम बन चुका है। खासकर युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए राजनीतिक दल इंस्टाग्राम, एक्स, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं।

भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के आधिकारिक इंस्टाग्राम प्रोफाइल का विश्लेषण डिजिटल राजनीति की बदलती तस्वीर को सामने लाता है। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे बड़े डिजिटल चेहरे के रूप में दिखाई देते हैं, जबकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी लगातार सक्रियता और अधिक पोस्ट करने की रणनीति के कारण चर्चा में हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इंस्टाग्राम पर करीब 1.72 करोड़ फॉलोअर्स हैं। यह संख्या उन्हें भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों में सबसे आगे खड़ा करती है। योगी आदित्यनाथ ने अपेक्षाकृत कम पोस्ट के बावजूद अपनी मजबूत छवि, लोकप्रिय कार्यक्रमों और जनता से जुड़े मुद्दों के जरिए बड़ा डिजिटल प्रभाव बनाया है।

वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंस्टाग्राम पर करीब 20 लाख फॉलोअर्स हैं। हालांकि फॉलोअर्स के मामले में वह योगी आदित्यनाथ से पीछे हैं, लेकिन डिजिटल सक्रियता में वह सबसे आगे रहने वाले नेताओं में शामिल हैं। उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से अब तक 10,898 पोस्ट किए जा चुके हैं। लगातार रील, वीडियो और विकास कार्यों से जुड़ी पोस्ट के जरिए वह अपनी डिजिटल मौजूदगी को मजबूत कर रहे हैं।

सबसे ज्यादा पोस्ट करने वाले मुख्यमंत्रियों में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले स्थान पर हैं। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 11,555 पोस्ट दर्ज हैं। इसके बाद डॉ. मोहन यादव दूसरे स्थान पर और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तीसरे स्थान पर हैं। फडणवीस के इंस्टाग्राम पर करीब 10,257 पोस्ट हैं।

डिजिटल लोकप्रियता में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी खास स्थान रखते हैं। उनके इंस्टाग्राम पर लगभग 27 लाख फॉलोअर्स हैं, जबकि उनके पोस्ट की संख्या केवल करीब 530 है। यह दिखाता है कि सोशल मीडिया पर प्रभाव केवल ज्यादा पोस्ट करने से नहीं बनता, बल्कि कंटेंट की गुणवत्ता, नेता की पहचान और जनता से जुड़ाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

फॉलोअर्स के मामले में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों में देवेंद्र फडणवीस करीब 28 लाख फॉलोअर्स के साथ दूसरे स्थान पर हैं। हिमंत बिस्वा सरमा 27 लाख, डॉ. मोहन यादव 20 लाख और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करीब 16 लाख फॉलोअर्स के साथ शीर्ष नेताओं में शामिल हैं।

मुख्यमंत्रियों की डिजिटल ब्रांडिंग की रणनीति भी अलग-अलग नजर आती है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी युवाओं, पर्यटन और धार्मिक आयोजनों से जुड़े विषयों को प्रमुखता देते हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजातीय समाज, लोक संस्कृति और ग्रामीण विकास को अपनी डिजिटल पहचान का हिस्सा बना रहे हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विकास कार्यों, निवेश और सुशासन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देते हैं। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत पर्यटन, स्थानीय संस्कृति और जनसंपर्क पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू प्राकृतिक सुंदरता, पर्यटन और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जैसे नए मुख्यमंत्री भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी सरकार की नीतियों और जनसंवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया अब नेताओं के लिए केवल प्रचार का माध्यम नहीं रहा, बल्कि जनता से सीधा संवाद स्थापित करने का सबसे प्रभावी जरिया बन चुका है। इंस्टाग्राम जैसी युवा-केंद्रित प्लेटफॉर्म पर नेताओं की सक्रियता आने वाले चुनावों और राजनीतिक रणनीतियों में अहम भूमिका निभा सकती है।

डिजिटल युग में अब मुख्यमंत्री की लोकप्रियता का आकलन केवल जमीन पर मौजूदगी से नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्रभाव, फॉलोअर्स और जनता के साथ डिजिटल जुड़ाव से भी किया जा रहा है। यही वजह है कि मुख्यमंत्रियों के बीच सोशल मीडिया पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।

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