अमित शाह ने डोभाल को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा का शिल्पकार, योगदान को किया सलाम
पुणे: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की सराहना करते हुए उन्हें भारत के आधुनिक राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे के प्रमुख निर्माताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा, विदेश नीति और रणनीतिक फैसलों को मजबूत करने में डोभाल का योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
पुणे में आयोजित समारोह में अजीत डोभाल को ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि 2014 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद संभालने के बाद से डोभाल ने भारत की सुरक्षा नीति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डोभाल के योगदान की शाह ने की प्रशंसा
अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल ने अपने लंबे प्रशासनिक और खुफिया अनुभव के आधार पर देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि डोभाल ने ऐसे समय में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जब भारत को कई तरह की आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
गृह मंत्री ने कहा कि डोभाल का काम केवल सुरक्षा रणनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने में भी योगदान दिया है।
2014 से राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में भूमिका
अजीत डोभाल वर्ष 2014 में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किए गए थे। इसके बाद से वह देश की सुरक्षा और रणनीतिक मामलों से जुड़े प्रमुख फैसलों में केंद्र में रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और अनुभव का इस्तेमाल करते हुए भारत की नीतियों को प्रभावी बनाने में मदद की।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा चुनौतियों को समझने, उनके समाधान के लिए रणनीति तैयार करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बनाने में डोभाल की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
आंतरिक सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में योगदान
अमित शाह ने कहा कि भारत की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में रहा है और इस दिशा में डोभाल का अनुभव काफी उपयोगी साबित हुआ है।
उन्होंने आतंकवाद, सीमा सुरक्षा और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में कई संस्थानों और अधिकारियों ने योगदान दिया है, जिसमें डोभाल की भूमिका विशेष रही है।
शाह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में लिए गए फैसलों का प्रभाव केवल वर्तमान समय तक सीमित नहीं होता, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं।
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित
पुणे में आयोजित कार्यक्रम में अजीत डोभाल को ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026’ प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है। डोभाल को यह सम्मान राष्ट्रीय सुरक्षा और देश सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया।
समारोह में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान डोभाल के सार्वजनिक सेवा और सुरक्षा क्षेत्र में लंबे अनुभव की चर्चा की गई।
खुफिया क्षेत्र से राष्ट्रीय सुरक्षा तक का सफर
अजीत डोभाल भारत के अनुभवी खुफिया अधिकारियों में शामिल रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनने से पहले उन्होंने खुफिया क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
उनका करियर सुरक्षा, खुफिया संचालन और रणनीतिक मामलों से जुड़ा रहा है। लंबे अनुभव के कारण उन्हें देश की सुरक्षा नीति तैयार करने वाले प्रमुख विशेषज्ञों में गिना जाता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में वह प्रधानमंत्री को सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर सलाह देते हैं।
भारत की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा
अमित शाह ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। ऐसे में मजबूत रणनीति और दूरदर्शी नेतृत्व की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि डोभाल ने अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
शाह ने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए किए गए कार्यों को इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार का जोर
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि भारत आज दुनिया में एक मजबूत और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। इसके पीछे देश की मजबूत सुरक्षा नीति और संस्थागत क्षमता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक, तकनीकी, कूटनीतिक और आंतरिक स्थिरता भी शामिल है।
अजीत डोभाल को मिले इस सम्मान के मौके पर अमित शाह ने उनके योगदान को देश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी सेवाएं भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में हमेशा याद रखी जाएंगी।